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तेलंगाना पुलिस ने सर्जरी कर फिंगर प्रिंट बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार को एक होटल से चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें रेडियोलॉजिस्ट जी. नागा मुनेश्वर रेड्डी, एनेस्थीसिया तकनीशियन एस. वेंकट रमना के साथ बी. शिव शंकर रेड्डी और आर. रामकृष्ण रेड्डी शामिल हैं। गिरोह ने कुछ माह पहले 50 हजार रुपए लेकर राजस्थान में दो लोगों की सर्जरी कर फिंगर प्रिंट बदलना कबूला है। गिरोह के सदस्यों ने मई 2022 में केरल के छह फिर तेलंगाना के तीन लोगों के फिंगर प्रिंट बदलना कबूला है।
खाड़ी देशों के श्रमिक बने शिकार
पूछताछ में मुनेश्वर ने बताया कि उसके एक परिचित को कुवैत में वीजा अवधि का उल्लंघन करने पर निर्वासित कर दिया था। उसने श्रीलंका जाकर अपने फिंगर प्रिंट बदलवाने के लिए सर्जरी करवा ली और पासपोर्ट में हेराफेरी कर कुवैत चला गया। इससे मुनेश्वर ने मोटी रकम कमाने की योजना बनाई और एस. वेंकट रमना को अपने साथ ले लिया। कुवैत वाले परिचित के जरिए उन्हें राजस्थान के व्यक्ति का नंबर मिला, जिसे कुवैत से निर्वासित कर दिया गया था। उन्होंने राजस्थान आकर दो लोगों की सर्जरी की थी। पुलिस अब इस मामले में यह तहकीकात कर रही है कि यह गिरोह कितना बड़ा है और इस तरह का कितने रैकेट देश में चल रहे हैं।
तेलंगाना पुलिस की हिरासत में हाईटेक हेराफेरी के चार आरोपी
तेलंगाना पुलिस ने राजस्थान पुलिस मुख्यालय से संपर्क नहीं किया है। कई बार जिस थाने से संबंधित मामला होता है। बाहर की पुलिस उस थाने से सीधे संपर्क कर लेती है। तेलंगाना पुलिस ने भी राजस्थान के जिस थाने से संबंध होगा, वहां संपर्क किया होगा।रवि प्रकाश मेहरड़ा, एडीजी (क्राइम) राजस्थान
Published on:
03 Sept 2022 12:24 pm
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