जयपुर

Gaganyaan : गगनयान मिशन की पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान 21 को

-पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान 21 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन केंद्र से लॉन्च की जाएगी

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Oct 15, 2023
गगनयान मिशन अगले साल के आखिर या 2025 की शुरुआत तक भेजा जा सकता है।

मदुरै. बहुप्रतीक्षित गगनयान मिशन की पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान 21 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन केंद्र से लॉन्च की जाएगी। इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने रविवार को मिशन को लेकर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परीक्षण में क्रू मॉड्यूल को आउटर स्पेस में लॉन्च करना, पृथ्वी पर लाना और बंगाल की खाड़ी में टचडाउन के बाद रिकवर करना शामिल है। इसे भारतीय नौसेना रिकवर करेगी। इसके लिए नौसैनिकों का गोताखोर दल बनाया गया है, एक जहाज को भी तैयार किया गया। चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग और सूर्य के लिए आदित्य यान एल1 के सफल प्रक्षेपण के बाद गगनयान मिशन भारत को खगोल विज्ञान पर काम कर रहे अग्रणी देशों में शामिल करवा सकता है। सोमनाथ ने बताया, इस परीक्षण के बाद तीन और टेस्ट फ्लाइट भेजी जाएंगी। गगनयान भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन है, इसे अगले साल के आखिर या 2025 की शुरुआत तक भेजा जा सकता है। 2024 में मानव रहित परीक्षण उड़ान होगी, जिसमें एक व्योममित्र रोबोट भेजा जाएगा।

हर माह होगी लॉन्चिंग
इसरो प्रमुख ने बताया, मिशन की फाइनल लॉन्चिंग से पहले हर माह कम से कम एक परीक्षण किया जाएगा। 21 अक्टूबर के परीक्षण के बाद जीएसएलवी, फिर एसएसएलवी परीक्षण वाहन भी परखे जाएंगे। इसके बीच पीएसएलवी को भी जांचा जाएगा।

क्रू एस्केप प्रणाली
इसरो के मुताबिक फ्लाइट टेस्ट व्हीकल अबॉर्ट मिशन की जांच जरूरी है। इससे किसी अनहोनी की दशा में अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने में क्रू एस्केप प्रणाली काम आएगी। उड़ान भरते समय यदि मिशन में गड़बड़ी हुई तो यह प्रणाली क्रू मॉड्यूल के साथ यान से अलग हो जाएगी।

Published on:
15 Oct 2023 10:02 pm
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