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Rajasthan Budget 2026 : आज शुरू होगा बजट सत्र, जनहित के सवालों पर होगी भजनलाल सरकार की परीक्षा, जानें कब पेश होगा बजट

Rajasthan Budget 2026 : राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र आज 28 जनवरी से शुरू हो गया है। इस बार सत्र छोटा रह सकता है, लेकिन इसके सियासी और हंगामेदार रहने के संकेत हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण से बुधवार को सत्र की शुरुआत होगी। राजस्थान का बजट कब पेश होगा, जानें डेट?

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Rajasthan Budget session 2026 begins today Bhajanlal government will be tested on issues of public interest know when budget presented

फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Budget 2026 : राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र इस बार छोटा रह सकता है, लेकिन इसके सियासी और हंगामेदार रहने के संकेत हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण से बुधवार को सत्र की शुरुआत होगी और 11 फरवरी को बजट पेश किया जाना संभावित है। हालांकि बजट की तारीख पर अंतिम फैसला बुधवार को विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में होगा। एक ओर सरकार बजट और अपनी उपलब्धियों को लेकर तैयारियों में जुटी है, वहीं कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने ओएमआर शीट गड़बड़ी जैसे कई बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।

सत्तापक्ष और विपक्ष में सियासी टकराव के बीच सवाल यह भी है कि क्या विधानसभा में जनता के रोजमर्रा की आवश्यकता वाले सड़क, फ्लाईओवर, रेलवे पुल, सीवरेज, पेयजल, चिकित्सा और शिक्षा पर गंभीर चर्चा हो पाएगी? राजस्थान पत्रिका की ओर से जिलों में की गई पड़ताल से सामने आया कि आज भी प्रदेश का बड़ा हिस्सा इन्हीं बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है और प्रदेशवासियों को अपने जनप्रतिनिधियों से उम्मीद है।

ओएमआर शीट से गरमाएगा सदन

बजट सत्र के हंगामेदार रहने की सबसे बड़ी वजह ओएमआर शीट गड़बड़ी का मामला है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा ने सत्र से एक दिन पहले विधायक दल की बैठक बुलाकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बनाई है। बयानबाजी के इस दौर में मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री आमने-सामने हैं, जिससे सदन में टकराव तय माना जा रहा है।

जनता की उम्मीदें : विधानसभा में उठें ये सवाल

राजस्थान पत्रिका की जिलों में पड़ताल और जनता से बातचीत में साफ है कि लोग विधानसभा से सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहते हैं। लोगों की अपेक्षा है कि उनके विधायक इन सवालों को मजबूती से उठाएं…
1- जल संकट : पड़ोसी राज्यों से जल बंटवारे पर बातचीत कहां तक पहुंची?
2- रामजलसेतु लिंक परियोजना : इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने को लेकर अब तक क्या प्रगति हुई?
3- एक्सप्रेस-वे और सड़कें : घोषित परियोजनाओं में से कितनी धरातल पर उतरीं?
4- निवेश और रोजगार : दो साल में हुए एमओयू में से कितना निवेश वास्तव में आया और कितना रोजगार मिला?
5- कानून-व्यवस्था : बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण का रोडमैप क्या है?
6- सरकारी भर्तियां : कितनी नौकरियों का वादा हुआ और कितनी पूरी हुईं?
7- अरावली में अवैध खनन : 20 जिलों में फैले इस संकट पर सरकार की कार्रवाई क्यों नाकाफी है?
8- हाईवे से शराब दुकानें : हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों गई?
9- मेडिकल पीजी प्रवेश : माइनस 40 अंक पर प्रवेश कैसे दिए जा रहे हैं?
10- पर्यटन : दो साल में पर्यटन बढ़ाने के लिए ठोस तौर पर क्या किया गया?

वित्तीय सेहत पर सवाल : राज्य की माली हालत कैसी?

1- केंद्र से मिलने वाला अनुदान पहले की तुलना में कितना बढ़ा या घटा?
2- कर्ज का बोझ कितना है और उस पर नियंत्रण की रणनीति क्या है?
3- बजट में पूंजीगत खर्च और सामाजिक क्षेत्र पर कितना फोकस रहेगा?

शिक्षा और स्वास्थ्य की जमीनी हकीकत

आरटीई और प्री-प्राइमरी प्रवेश: हाईकोर्ट के निर्देश पर अब प्री-प्राइमरी में भी आरटीई लागू होगी, जबकि केंद्र इसके लिए पैसा नहीं देता राज्य सरकार संसाधन कहां से लाएगी?
1- सरकारी स्कूलों की हालत : हजारों कमरे जर्जर हैं, लेकिन मरम्मत का रोडमैप अब तक क्यों नहीं?
2- चिकित्सा शिक्षा : मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल।

मनरेगा के बाद नया कानून, वीबी जी-राम-जी कानून पर जवाब जरूरी

मनरेगा की जगह लाए गए वीबी जीरामजी कानून में राज्यों को ज्यादा पैसा देना होगा। ऐसे में रोजगार गारंटी को लेकर राजस्थान में इसे कैसे लागू किया जाएगा और ग्रामीण मजदूरों को कितना लाभ मिलेगा-यह भी सत्र में अहम मुद्दा रहेगा।
नजर राज्यपाल के अभिभाषण पर राज्यपाल के अभिभाषण पर भी सियासत गरमाने के आसार हैं। विपक्ष का रुख साफ है कि वह अभिभाषण को सरकार की नीतियों से जोड़कर परखेगा और सवाल उठाएगा कि घोषणाओं और जमीनी हकीकत में कितना अंतर है। बजट सत्र में हंगामा तय है, लेकिन जनता की निगाह इस बात पर रहेगी कि क्या उनके विधायक सियासी शोर से ऊपर उठकर सड़क, पानी, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे असल मुद्दों को सदन के केंद्र में ला पाते हैं या नहीं। यही इस सत्र की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

सत्र का शेड्यूल और सियासी तैयारी

विधानसभा बुलेटिन के मुताबिक 28 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के आधे घंटे बाद सदन की कार्यवाही शुरू होगी। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी, इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी जाएगी। 29 जनवरी से राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस शुरू होगी। 31 जनवरी और 1 फरवरी को अवकाश रहेगा।

अभिभाषण पर बहस पर 3 फरवरी को सरकार का जवाब आने की संभावना है। इसके बाद एक सप्ताह का ब्रेक देकर 11 फरवरी तक कार्यवाही स्थगित की जा सकती है। मार्च में संभावित पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए सरकार की कोशिश है कि बजट मार्च के पहले सप्ताह तक पारित करवा लिया जाए। इसी वजह से यह सत्र अपेक्षाकृत छोटा, लेकिन तेवर तीखे रहने की संभावना मानी जा रही है।