
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को 64 आईपीएस अफसरों की तबादला सूची जारी की। हर बार की तरह इस बार भी ये ट्रांसफर लिस्ट 'आधी रात' बाद जारी हुई। चाहे प्रशासनिक अफसरों के तबादले हों, या पुलिस बेड़े में फेरबदल, अक्सर देखा गया है कि सरकार करीब आधी रात को ही तबादला सूची जारी करती है। कभी 12 बजे तो कभी एक-डेढ़ बजे, आखिर ये किस तरह की 'परंपरा' है जो लोगों के बीच हमेशा से कौतूहल का विषय रहती है।
आखिर क्या वजह हैं कि सरकार 'आधी रात' बाद ही पुलिस-प्रशासन की तबादला सूची जारी करती है? वैसे इस सवाल का कोई आधिकारिक जवाब तो नहीं है, लेकिन कुछ पूर्व और कुछ वर्तमान प्रशासनिक जानकारों और राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो आधी रात के इन तबादलों के पीछे दिलचस्प वजहें सामने आती हैं। आइये आपको भी बताते हैं ऐसी ही 5 प्रमुख संभावित वजहें।
तबादला सूची तैयार करना किसी 'पहेली' को सुलझाने जैसा है। दिन के समय मंत्रियों, विधायकों और रसूखदार नेताओं का भारी दबाव रहता है। हर कोई अपने पसंदीदा अधिकारी को मलाईदार पोस्टिंग दिलाना चाहता है।
जब किसी बड़े जिले के एसपी या कलेक्टर का तबादला होता है, तो अक्सर स्थानीय स्तर पर विरोध या विदाई समारोहों का दौर शुरू हो जाता है।
प्रशासनिक गलियारों में 'लॉबिंग' बहुत मजबूत होती है। जैसे ही किसी अधिकारी को भनक लगती है कि उसका पत्ता कटने वाला है, वह सक्रिय हो जाता है और बड़े संपर्कों के जरिए लिस्ट रुकवाने या बदलवाने की कोशिश करता है।
सरकार हमेशा यह संदेश देना चाहती है कि वह पूरी तरह 'एक्टिव' है और कभी भी बड़े फैसले ले सकती है। आधी रात की सूचियां जनता के बीच एक 'वर्किंग गवर्नमेंट' की छवि बनाती हैं।
कभी-कभी कारण बहुत सरल होते हैं। तबादला सूचियों पर मंथन मुख्यमंत्री आवास (CMR) पर देर शाम शुरू होता है।
Updated on:
14 Mar 2026 05:20 pm
Published on:
14 Mar 2026 05:18 pm
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