
जयपुर.
जयपुर शहर में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली बेपटरी होने जैसी स्थिति से गुजर रही है। शहर में राशन की 147 दुकानें चार वर्ष से दूसरी राशन की दुकान से ‘अटैचमेंट’ की बैसाखी के सहारे चल रही हैं। अभी तक दुकानों का नए सिरे से आवंटन करने के लिए सलाहकार समिति का गठन ही नहीं हो सका। ऐसे में लाभार्थियोंं को अपने वार्ड, मौहल्ले से दूर राशन की दुकान से गेहूं लेना मजबूरी हो गया है।
मुख्यमंत्री ने भी की थी 5 हजार नई दुकानें खोलने की घोषणामुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में 5 हजार राशन की नई दुकानें खोलने की घोषणा की थी। घोषणा के तहत ही जयपुर शहर में भी इन 147 दुकानों का आवंटन किया जाता। इससे लाभार्थियों को राहत भी मिलती और लगभग 300 युवाओं को रोजगार भी मिलता। लेकिन जयपुर शहर में भी मुख्यमंत्री की बजट घोषणा धरातल पर नहीं उतरी।
गेहूं पहले अपने लाभार्थियों के लिए
अभी जयपुर शहर में अटैचमेंट के तहत संचालित 147 दुकानों पर राशन डीलर पहले अपने लाभार्थियों को गेहूं देता है। इसके बाद अटैच दुकान के लाभार्थियों को गेहूं का वितरण करता है। इस स्थिति में कई बार लाभार्थियों और राशन डीलर्स में विवाद की नौबत आ जाती है। कई बाद पोस मशीन में नाम विवरण दर्ज नहीं होने की समस्या भी सामने आ जाती है।
वर्जन
जयपुर शहर में 147 राशन की दुकानों के आवंटन के लिए सलाहकार समिति का गठन प्रक्रियाधीन है। जैसे ही समिति का गठन हो जाएगा दुकानों का नए सिरे से आवंटन हो जाएगा।
प्रताप सिंह खाचरियावासखाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री
Published on:
25 Jan 2023 11:23 pm
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