जयपुर। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को वनपाल भर्ती परीक्षा की शुरुआत सुबह 10 बजे से हुई। राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग की ओर से को वनपाल भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश में 1718 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें राजधानी जयपुर के 215 परीक्षा केंद्र भी शामिल हैं। प्रदेश में परीक्षा के लिए 5 लाख 59 हजार अभ्यार्थी पंजीकृत हैं, जयपुर में 80 हजार अभ्यार्थी इस परीक्षा के लिए पंजीकृत किए गए हैं। आयोग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन को देखते हुए परीक्षार्थियों ने सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आरंभ होने से आधा घंटा पहले परीक्षार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को निर्देश दिए थे कि वह परीक्षा आरंभ होने के निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। ऐसे में जो परीक्षार्थी देरी से पहुंचे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। परीक्षा का आयोजन दो पारियों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पारी में 2.30 बजे से 4.30 बजे तक किया जा रहा है। परीक्षा कुल 99 पदों के लिए हो रही है। जयपुर के अलावा अजमेर, अलवर, भरतपुर,बीकानेर,भीलवाड़ा, गंगानगर, जोधपुर,कोटा और उदयपुर में भी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
ड्रेस कोड निर्धारित
बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया था, पुरुष परीक्षार्थियों के पूरी बांह की शर्ट और जूते पहनने पर रोक लगाई गई थी। अधिकांश परीक्षार्थी आधी आस्तीन की शर्ट टी शर्ट व पेन्ट तथा हवाई चप्पल यानि स्लीपर पहनकर आए थे। वहीं महिला परीक्षार्थी सलवार सूट,साड़ी,आधी आस्तीन का कुर्ता,आधी आस्तीन का ब्लाउज तथा हवाई चप्पल यानि स्लीपर पहनकर आई। उनके चूडिय़ां और जेवरात पहनने पर भी रोक थी। जिसके चलते कई परीक्षार्थियों को अपने गहने परिजनों को देने पड़े।
राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम है लागू
इस परीक्षा में बोर्ड ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम भी लागू किया है। इसके तहत परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में अनुचित सामग्री का उपयोग नहीं कर सकेंगे। नकल करने या नकल करवाने का प्रयास करने, परीक्षा के दौरान केंद्राधीक्षक, सहायक केंद्राधीक्षक, सतर्कता दल को धमकी देने,खुद के बारे में गलत सूचना देना, अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा में बिठाने को इसी अधिनियम के तहत अपराध माना जाएगा। ऐसे परीक्षार्थी को तीन से पांच साल या हमेशा के लिए बोर्ड की परीक्षा से वंचित किया जा सकेगा।
वनरक्षक भर्ती परीक्षा 12 और 13 को
इसी तरह 2300 पदों के लिए 12 और 13 नवंबर को दो दिन में चार पारियों में वनरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। जबकि दूसरी पारी दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक होगी। ऐसे में परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा जिससे वह परीक्षा में शामिल हो सकें। वनरक्षक भर्ती परीक्षा प्रदेश के 30 जिलों में आयोजित होगी। वनरक्षक के पदों के लिए जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर,जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बूंदी, बारां,झालावाड़, पाली, धौलपुर, सीकर, झुंझुनू,नागौर, दौसा, सवाईमाधोपुर, चूरू, चित्तौडगढ़़, राजसमंद, हनुमानगढ़ और प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।