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JLF 2024 में नीति आयोग के पूर्व सीईओ कांत ने बताई देश की 3 सबसे बड़ी चुनौतियां

Jaipur Literature Festival: नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि क्या अब अमरीकी एम्बेसडर हमें बताएंगे कि हमें क्या करना है। अमरीका 90 प्रतिशत कार्बन स्पेस का उपभोग कर रहा है, जबकि भारत का प्रतिशत बहुत कम है।

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NITI Aayog Former CEO Amitabh Kant : नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि क्या अब अमरीकी एम्बेसडर हमें बताएंगे कि हमें क्या करना है। अमरीका 90 प्रतिशत कार्बन स्पेस का उपभोग कर रहा है, जबकि भारत का प्रतिशत बहुत कम है। हमें वो करना चाहिए, जो हमारे देश और देशवासियों के हित में है।

देश को ग्लोबली बेस्ट मैन्युफेक्चरर बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। हमें देश को ग्लोबल वैन्यू चेन का अहम हिस्सा बनाना होगा। निर्यात पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर ड्यूटी स्ट्रक्चर पर काम करने की जरूरत है। हम देश को मेक इन इंडिया से ग्लोबल चैंपियन बना सकते हैं। उन्होंने अमरीका का रवैया संरक्षणवाद का बताया।

ये हैं देश के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां
अमिताभ कांत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक के क्षेत्र में ऐसी छलांग लगाई है, जो दूसरा अन्य कोई देश नहीं कर पाया। देश में करोड़ों बैंक अकाउंट खुले हैं। टियर टू व थ्री सिटीज में स्टार्टअप खुल रहे हैं, कैशलेस सुविधा के साथ—साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्राक्चर ने देश को बदल दिया है। देश में पिछड़े इलाके आज बेस्ट परफॉर्मर बन गए हैं। उन्होंने देश के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां बताईं। पहली पोषण, स्वास्थ्य और सोशल डवलपमेंट को बेहतर बनाना। दूसरी शहरीकरण को व्यवस्थित करना और तीसरा विस्तृत स्तर पर मैन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा देना।
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बुक का विमोचन
सेशन के शुरुआत में अमिताभ कांत और अमित कपूर की किताब ‘द एलिफेंट मूव्स’ का विमोचन हुआ। किताब भारत की आर्थिक यात्रा और इतिहास को उजागर करती है। सेशन में राइटर अमित कपूर ने जीडीपी पर भी बात की।