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Mental Health: हर मेडिकल कॉलेज में बनेगा वेलबीइंग सेंटर, राज्य स्तर पर स्थापित होगी वेलनेस सेल

Wellness Cell: मेडिकल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग की बड़ी पहल।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Feb 09, 2026

Medical Students: जयपुर. प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्थान के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलबीइंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, वहीं राज्य स्तर पर एक वेलनेस सेल का गठन किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य मेडिकल छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और शैक्षणिक दबाव को कम करना है।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल ने मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है, ऐसे में विद्यार्थियों को मानसिक संबल देना सरकार की प्राथमिकता है। नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में सुधार किए जाएंगे।

हर मेडिकल कॉलेज में एक समर्पित वेलबीइंग सेंटर के साथ डीन (मेंटल वेलबीइंग) की नियुक्ति की जाएगी, जो छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की निगरानी करेंगे। छात्रों और फैकल्टी के लिए नियमित ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित कर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कॉलेज परिसरों और हॉस्टलों में सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। छतों की बैरिकेडिंग, प्रभावी निगरानी तंत्र और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक स्टूडेंट एप विकसित की जाएगी, जिसके माध्यम से ग्रिवांस रिडरेसल सिस्टम को सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही ई-लाइब्रेरी के विस्तार और डिजिटल संसाधनों को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

मानसिक सहयोग के लिए सहकर्मी सहायता समूह, करियर काउंसलिंग और पूर्व छात्रों के अनुभव साझा करने जैसी पहलें भी शुरू होंगी। तनावमुक्त वातावरण के लिए योग सत्र, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। संकट की स्थिति में सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त हॉस्टलों में बेहतर सुविधाएं, ड्यूटी डॉक्टरों के लिए 24 घंटे कैंटीन और कार्यभार को संतुलित करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल कुशल चिकित्सक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे डॉक्टर बनाना है जो मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होकर समाज की सेवा कर सकें।