जयपुर

नए आवास में शिफ्ट हुए पूर्व सीएम गहलोत, बोले- भजनलाल से अधिक पावर इस व्यक्ति के पास

Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) गुरुवार को (1 मार्च) सीएम आवास (CM House) खाली कर अपने नए ठिकाने पर शिफ्ट हो गए हैं, वह अब सिविल लाइंस स्थित बंगला न. 49 में रहेंगे।    

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Mar 01, 2024
file photo

Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) गुरुवार को (1 मार्च) सीएम आवास (CM House) खाली कर अपने नए ठिकाने पर शिफ्ट हो गए हैं, वह अब सिविल लाइंस स्थित बंगला न. 49 में रहेंगे। यहीं वसुंधरा राजे का भी आवास है, जो कि पूर्व सीएम गहलोत के ठीक सामने है। इससे पहले वह मुख्यमंत्री आवास में रह रहे थे।

आवास शिफ्ट करने के बाद गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मौजूदा भजनलाल सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गए ढाई महीने बीत गए लेकिन लगता नहीं कि राज्य में नई सरकार आई है। पूर्व सीएम ने कहा कि मौजूदा समय में सीएम से ज्यादा चर्चा सीएस सुधांश पंत की है। ऐसा लगता है कि वह डी-फैक्टो मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने भजनलाल शर्मा पर भी निशाना साधा और कहा कि मौजूदा सरकार में सीएम से ज्यादा पावर डिप्टी सीएम को दे दी गई है। वह सीएम के हर फैसले में दखल देते हैं। यह सरकार 'रिमोट कंट्रोल' से चल रही है।

इस दौरान अशोक गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी युवा मित्र योजना को बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग भी उठाई और कहा कि इसे दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा साथियों को इस मुद्दे को अपने हाथ में लेना चाहिए और सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर अपने हक की मांग करनी चाहिए।

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर अशोक गहलोत ने कहा कि हमने मजबूती से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि 40 फीसदी लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया है और हम इसे आगे बढ़ाएंगे। जनता केंद्र सरकार की नीतियों से तंग आ चुकी है। हर राज्य में केंद्र सरकार मनमाने ढंग से चुनी हुई सरकार गिराने की साजिश में लगी हुई है। जनता ये सब पिछले 10 साल से देख रही है और वह 2024 में मौजूदा मोदी सरकार को सबक सिखाएगी।

कांग्रेस विधायकों के भाजपा में जाने के सवाल पर गहलोत ने कहा कि 'जिनको भाजपा में जाना है वो जल्दी जाएं'। हमें कंफ्यूजन में न रखें। जिनका मन नहीं लग रहा, जिनपे ईडी-इनकम टैक्स का दबाव है, वे जल्दी चले जाएं। उनका मैं क्या कर सकता हूं।

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