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केन-बेतवा से तय होगी राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट की फंडिंग!

राजस्थान की राम जल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पीकेसी ईआरसीपी) को एमपी-यूपी की केन बेतवा लिंक परियोजना की तर्ज पर फंडिंग मिलेगी। केन्द्रीय जल आयोग ने राज्य सरकार से केन बेतवा और ईआरसीपी से जुड़ी एक समान काम की जानकारी मांगी है। इसमें बांधों-बैराज की संख्या, उसमें पानी की क्षमता, कैनाल, पाइपलाइन निर्माण व दूरी, कृत्रिम जलाशय, पेयजल-सिंचाई से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से है। इसी आधार पर 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार स्तर पर वहन करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना की 90 प्रतिशत फंडिंग को केन्द्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और राजस्थान के बारे में मंथन चल रहा है।

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Mar 10, 2025

केन्द्रीय जल आयोग ने सरकार से मांगी दोनों प्रोजेक्ट की जानकारी

एमपी-यूपी की केन-बेतवा लिंक परियोजना में 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार वहन करेगी, मिल चुकी कैबिनेट की मंजूरी

जयपुर. राजस्थान की राम जल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पीकेसी ईआरसीपी) को एमपी-यूपी की केन बेतवा लिंक परियोजना की तर्ज पर फंडिंग मिलेगी। केन्द्रीय जल आयोग ने राज्य सरकार से केन बेतवा और ईआरसीपी से जुड़ी एक समान काम की जानकारी मांगी है। इसमें बांधों-बैराज की संख्या, उसमें पानी की क्षमता, कैनाल, पाइपलाइन निर्माण व दूरी, कृत्रिम जलाशय, पेयजल-सिंचाई से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से है। इसी आधार पर 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार स्तर पर वहन करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना की 90 प्रतिशत फंडिंग को केन्द्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और राजस्थान के बारे में मंथन चल रहा है।

दाेनों परियोजना में समानता

-नदी जोड़ो अभियान (इंटरलिकिंग) से जोड़ा गया है।

-केन-बेतवा में दो राज्य मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश जुड़े हैं। इसी तरह राम जल सेतु लिंक परियोजना में राजस्थान और मध्यप्रदेश शामिल हैं।

-पानी का ट्रांसफर सिस्टम लगभग एक समान है। पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई किया जाएगा।

यह है लागत

-केन-बेतवा लिंक परियोजना: 44600 करोड़ रुपए

-राम जल सेतु लिंक परियोजना: 72000 से 75000 करोड़ रुपए (फाइनल होना है)

मंत्री विधानसभा में कर चुके दावा

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत हाल ही विधानसभा में दावा कर चुके हैं कि इस परियोजना में 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार वहन करेगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रावत से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था।

इस तरह मिलेगा पानी..

राजस्थान को 4102.60 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी उपलब्ध होगा। इसमें से 1744 एमसीएम पेयजल, 205.75 एमसीएम जल उद्योग, 1159.38 एमसीएम जल नए सिंचित क्षेत्र, 615.43 एमसीएम जल पूर्व निर्मित बांधों में जल अपवर्तन के लिए और 108 एमसीएम जल भू-जल पुनर्भरण के लिए उपयोग किया जा सकेगा। बाकी 270 एमसीएम जल का उपयोग खराब मानसून के समय में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं डीपीआर के अनुसार अन्य विकास कार्यों के उपयोग में लिया जाएगा। इसमें 522.80 एमसीएम पुनः चक्रित जल शामिल है। इस परियोजना में प्रदेश के 17 जिले शामिल हैं।

इनका कहना है

सैद्धांतिक रूप से स्पष्ट है कि परियोजना की 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करेगी। केन-बेतवा प्रोजेक्ट को लेकर जो जानकारी चाही है, वह जल्द भेज रहे हैं। उम्मीद है जल्द राम जल सेतु लिंक परियोजना को लेकर भी अधिकारिक तौर पर निर्णय हो जाएगा।

-सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री

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