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RoofTop Restaurants : अब 11PM तक ही खुलेंगे , नहीं बजेगा loud music

- राज्य सरका रRoofTop Restaurant बायलॉज लाने की तैयारी में  

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जयपुर

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Pawan kumar

Nov 23, 2019

jaipur

shanti dhariwal

Jaipur। प्रदेश (Rajasthan) में रूफटॉप रेस्टोरेंट में सुरक्षा उपायों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राज्य सरकार रूफटॉप रेस्त्रां बायलॉज लाने की तैयारी में है। प्रारूप के मुताबिक अब रूफटॉप रेस्टोरेंट रात 11 बजे तक ही खुले रहेंगे। इसके बाद उन्हें बंद करना होगा। साथ ही जोर से म्यूजिक भी नहीं बजाया जा सकेगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल (UDH MInister) की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में रूफटॉप रेस्टोरेंट बायलॉज के प्रारूप पर विचार मंथन हुआ।

जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में रूफटॉप रेस्टोरेंट संचालन के लिए कोई मापदंड निर्धारित नहीं हैं। रूफटाॅप रेस्टोरेंट्स के संचालन के लिये नगरीय विकास विभाग एवं स्वायत्त शासन विभाग ने तकनीकी एवं सामान्य मापदंड बनाए हैं। रूफटॉप रेस्टोरेंट्स के संचालन के लिए 3 माह में निर्धारित मापदंडों पूरे करने होंगे। मुख्य रूप से रूफटाॅप रेस्टोरेंट्स में आपदा के दौरान किसी प्रकार की जनहानि ना हो, इसके लिए अग्निशमन के पुख्ता प्रबंध करने होंगे। रूफटाॅप रेस्टोरेंट्स में किसी प्रकार की फ्लैम/गैस के माध्यम से कुकिंग नहीं की जाएगी। एलपीजी स्टोव और कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा। रूफटाॅप रेस्टोरेंट्स का संचालन मास्टर प्लान में व्यवसायिक भवन एवं मिक्स यूज भवनों में किया जा सकेगा।

Temporary Construction में चलेगा रूफटॉप रेस्त्रां
प्रारूप के मुताबिक रूफटॉप रेस्टोरेंट में सम्पूर्ण निर्माण अस्थाई किया जाएगा, इस अस्थाई निर्माण की ऊंचाई 4 मीटर से अधिक नहीं होगी। छत पर रेलिंग की ऊंचाई डेढ़ फिट रखनी होगी। रूॅफटाॅप रेस्टोरेंट में सभी प्रकार के अस्थाई निर्माण लौहे या स्टील, एल्यूमिनियम स्ट्रक्चर से किए जाएंगे। रूफटाॅप रेस्टोरेंट के संचालक को अस्थाई निर्माण एवं सेफ्टी का आनापत्ति प्रमाण-पत्र काउंसिल आॅफ आर्किटेक्ट के पंजीकृत वास्तुविदों से लेना होगा। 90 दिवस के भीतर संबंधित नगरीय निकाय से अंतिम अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। यह अनापत्ति
प्रमाण-पत्र स्वामित्व का आधार एवं भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मानी जाएगी। यदि किसी रूफटाॅप रेस्टोरेंट में स्थाई निर्माण किया गया है, तो उसे हटाना होगा। रूफटाॅप रेस्टोरेंट में सभी निर्माण अस्थाई ही होंगे।

नहीं बजा सकेंगे लाउड म्यूजिक
रूफटॉप रेस्त्रां के लिए सभी निकायों में कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी को समय-समय पर रेस्टोरेंट का निरीक्षण करना होगा। रूफटॉप रेस्त्रां की स्वीकृति के लिए 100 रूपए प्रति वर्गमीटर के हिसाब से निकाय को शुल्क देना होगा। रेस्टोरेंट में आपदा के समय सुरक्षित निकास के लिए ले-आउट प्लान प्रदर्शित करना होगा। साल में एक बार रूफटाॅप रेस्टोरेंट की फायर आॅडिट नेशनल इंस्टिट्यूट आॅफ फायर इंजिनियरिंग के सूचीबद्ध इंजीनियर से करवानी होगी। हर रेस्टोरेंट में एक फायर एक्सपर्ट की नियुक्ति की जानी आवश्यक होगी, जो स्टाफ को फायर सेफ्टी के लिए प्रशिक्षित करेगा। यह फायर एक्सपर्ट समय-समय पर फायर सेफ्टी चेक के लिए मॉक ड्रिल भी करेगा। आग से बचने के लिए रेस्टोरेंट्स में इनोवेटिव तकनीक का उपयोग करना होगा। छत पर ओवरहैड वॉटर टैंक बनाना होगा।

नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में मुख्य सचेतक महेश जोशी, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग भास्कर ए. सावंत, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग भवानी सिंह देथा, आयुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण टी. रविकांत, निदेशक एवं संयुक्त सचिव स्वायत्त शासन विभाग उज्जवल राठौड़, आयुक्त नगर निगम जयपुर वीपी सिंह, मुख्य नगर नियोजक नगर नियोजन विभाग आरके विजयवर्गीय, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम जयपुर अरूण अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर विकास प्राधिकरण रघुवीर सैनी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।