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VIDEO : Gajendra Singh Shekhawat की बेटी Suhasini ने दिखाया कमाल, ‘मिशन’ पूरा कर रचा कीर्तिमान

ये अभियान गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु नदी के उन दुर्गम ऊंचे स्थानों पर रहा जहां ऑक्सीजन की बहुत कमी रहती है और रास्ते में खतरनाक चट्टानें मिलती हैं। भारत-चीन बॉर्डर के पास मानेसर से शुरू हुआ अभियान भारत-पाक बॉर्डर पर कारगिल के नजदीक संपन्न हुआ।

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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की पुत्री और राजस्थान की बेटी सुहासिनी शेखावत ने एक नया कीर्तिमान अपने नाम किया है। सुहासिनी ने ‘इंडस कॉलिंग’ अभियान के दल का नेतृत्व करते हुए सिंधु नदी पर अब तक का सबसे लंबा राफ्टिंग अभियान पूरा कर दिखाया है। सुहासिनी और उनके दल ने इस मुश्किल सफर को एक बार की यात्रा में ही पार कर दिखाया। वे ऐसा करने वाली पहली युवती बन गई हैं।

गौरतलब है कि ये अभियान गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु नदी के उन दुर्गम ऊंचे स्थानों पर रहा जहां ऑक्सीजन की बहुत कमी रहती है और रास्ते में खतरनाक चट्टानें मिलती हैं। भारत-चीन बॉर्डर के पास मानेसर से शुरू हुआ अभियान भारत-पाक बॉर्डर पर कारगिल के नजदीक संपन्न हुआ।

रिवर राफ्टिंग में माहिर हैं सुहासिनी
जानकारी के अनुसार सुहासिनी पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एडवांस लीडरशिप में डिप्लोमा किया है। वे स्पोर्ट्स में काफी रुचि रखती हैं और एक बेहतरीन शूटर भी हैं। वर्ष 2019 में 31 दिन के ‘गंगा आमंत्रण अभियान’ का हिस्सा भी रही थीं।

सुहासिनी ने उत्तराखंड के देवप्रयाग से पश्चिम बंगाल के गंगासागर तक 2500 किलोमीटर लंबी की दूरी राफ्टिंग के जरिए पूरी की थी। वर्ष 2021 में सुहासिनी 917 किलोमीटर लंबे ब्रह्मपुत्र आमंत्रण अभियान में शामिल हुई थीं और गेलिंग, अरुणाचल प्रदेश से असम के असमरलगा तक रिवर राफ्टिंग की थी।

हतप्रभ करता है सुहासिनी का साहस : गजेंद्र सिंह शेखावत

”मुझे बेटी सुहासिनी पर गर्व है। उसके सपने अलग हैं। उसे कठिनाइयों से डर नहीं लगता। वो भारत की बेटियों के आत्मबल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने में जुटी रहती है। उसका साहस कई बार मुझे हतप्रभ कर जाता है। बेटियां बड़ी होकर पिता की जीवन यात्रा को नई उम्मीदों से पूरित करती हैं। मैं उसमें खुद को देखता हूं।” – गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री