पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच ने अजमेर के वांटेड गैंगस्टर वरुण चौधरी को सिंधी कैम्प बस स्टैंड से शनिवार को पकड़ा। बाद में आरोपी को अजमेर के किशनगढ़ थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
जयपुर। पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच ने अजमेर के वांटेड गैंगस्टर वरुण चौधरी को सिंधी कैम्प बस स्टैंड से शनिवार को पकड़ा। बाद में आरोपी को अजमेर के किशनगढ़ थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि गैंगस्टर वरुण के खिलाफ 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से फरार वांटेड के संबंध में सूचना मिली कि वह मथुरा से जयपुर होते हुए गुजरात के सोमनाथ जा रहा था। आईजी प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में क्राइम ब्रांच की टीम भरतपुर से आरोपी का पीछा कर रही थी। आरोपी जयपुर सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर उतरा, तभी क्राइम ब्रांच की टीम ने उसको पकड़ लिया। आरोपी वरुण मूलत: डीग के कुम्हेर स्थित पैंघोर हाल अजमेर के कुंदन नगर में रह रहा था।
गैंगस्टर वरुण चौधरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 3 वर्ष से फरारी काट रहा था। आरोपी के खिलाफ अजमेर, नागौर, भरतपुर व दिल्ली में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित 16 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ अजमेर व नागौर में हत्या के तीन प्रकरण दर्ज हैं। भरतपुर व दिल्ली में एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण है।
चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए गैंगवार
आरोपी वरुण की अजमेर में गैंगस्टर संजय मीणा के साथ वर्चस्व को लेकर गैंगवार चल रही थी। संजय मीणा की गैंग ने वरुण के चाचा धर्मेंद्र चौधरी की अजमेर में हत्या कर दी थी। वरुण ने बदले की भावना से करीब 2 माह पहले अपने गुर्गों को संजय मीणा की हत्या करने के लिए भेजा था, लेकिन अजमेर पुलिस ने पांचों बदमाश को अवैध हथियारों व भारी मात्रा में कारतूसों के साथ पकड़ लिया था।