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Jaipur Truck Fire:  मृतकों की आत्मा की शांति के लिए गायत्री परिवार ने किया हवन यज्ञ, गोविंददेवजी मंदिर में हरिनाम संकीर्तन

भांकरोटा के निकट हुए एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वाले लोगों की आत्म शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आज सुबह आठ बजे से एक दर्जन से अधिक स्थानों पर आत्म शांति गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।

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Jaipur Truck Fire

जयपुर. अजमेर रोड पर भांकरोटा के निकट हुए एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वाले लोगों की आत्म शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आज सुबह आठ बजे से एक दर्जन से अधिक स्थानों पर आत्म शांति गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।

आत्म शांति महायज्ञ में यम गायत्री महामंत्र से यज्ञ कुंडों में जौ और काले तिल से आहुतियां अर्पित की गईं। मुख्य रूप से गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, वाटिका, कालवाड़ एवं मानसरोवर के वेदना निवारण केन्द्र में शांति यज्ञ हुआ। इसके अलावा दुर्गापुरा, जनता कॉलोनी, गांधीनगर, वैशालीनगर, मुरलीपुरा, प्रतापनगर, झोटवाड़ा, नेहरू नगर स्थित गायत्री चेतना केन्द्रों में भी इस शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया।

मौन रहकर किया मंत्र जाप

यज्ञ से पहले, मृतकों की आत्म शांति के लिए मौन रहकर मंत्र जाप किया गया। इस अवसर पर गायत्री परिवार के अलावा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी आहुतियां देने आए। गायत्री परिवार के राजस्थान समन्वयक ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि गायत्री परिवार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है और यदि परिजन चाहें, तो गायत्री परिवार हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में निशुल्क श्राद्ध-तर्पण की व्यवस्था करेगा। इसके अलावा, घरों में भी निशुल्क यज्ञ करवाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि गैस हादसे के दौरान जिन लोगों ने साहस दिखाते हुए घायलों की मदद की, उनका गायत्री परिवार सम्मान करेगा।

ठाकुरजी के समक्ष हरिनाम संकीर्तन

इसी बीच, आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में भी मृतकों की आत्म शांति के लिए एक घंटे का हरिनाम संकीर्तन किया गया। यह संकीर्तन सुबह 9 से 10 बजे तक हुआ, जिसमें विभिन्न संकीर्तन मंडलों के भक्तों और मंदिर दर्शनार्थियों ने ठाकुरजी के समक्ष प्रार्थना की। मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि इस संकीर्तन का उद्देश्य मृतकों की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करना था।