
भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले T20 वर्ल्ड कप मैच को लेकर पूरी दुनिया में उत्साह है। लेकिन राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में 2 अक्टूबर 1983 की तारीख एक खास मुकाम रखती है। यह वह दिन था जब जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय वनडे (ODI) मैच का गवाह बना था। विश्व कप 1983 की ऐतिहासिक जीत के ठीक बाद टीम इंडिया ने इसी मैदान पर पाकिस्तान को करारी शिकस्त देकर सीरीज अपने नाम की थी।
अक्टूबर 1983 की वह सुबह जयपुर के लिए बेहद खास थी। पहली बार 'पिंक सिटी' में इंटरनेशनल क्रिकेट का आयोजन हो रहा था। स्टेडियम खचाखच भरा था और माहौल में केवल भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता का रोमांच था।
मैच 50 ओवर का होना था, लेकिन बारिश या अन्य कारणों से इसे घटाकर 46 ओवर कर दिया गया। भारत ने टॉस जीता और कप्तान कपिल देव ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
पाकिस्तान की टीम जब बल्लेबाजी करने उतरी, तो भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें हाथ खोलने का मौका नहीं दिया।
मदन लाल का कहर: मदन लाल ने 10 ओवर में केवल 27 रन देकर 3 विकेट झटके, जो उस पारी का सबसे बेहतरीन स्पैल था।
कपिल पाजी का साथ: कप्तान कपिल देव ने 2 विकेट लेकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी।
स्कोर: पूरी पाकिस्तानी टीम 46 ओवरों में 9 विकेट खोकर केवल 166 रन ही बना सकी। जहीर अब्बास (48 रन) के अलावा कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका।
167 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सधी हुई रही। सुनील गावस्कर ने 41 रनों की ठोस पारी खेली, लेकिन असली रोमांच पैदा किया संदीप पाटिल ने।
स्ट्राइक रेट 182.14: उस दौर में जब वनडे क्रिकेट को टेस्ट की तरह खेला जाता था, पाटिल ने मात्र 28 गेंदों में 51 रन कूट डाले। उनकी इस पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। इस 'तूफानी' पारी ने पाकिस्तान को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया और भारत ने 40.4 ओवर में ही 4 विकेट शेष रहते मैच जीत लिया।
जयपुर में मिली इस जीत के साथ ही भारत ने 'विल्स वनडे सीरीज' को 2-0 से अपने नाम कर लिया था। पहला मैच हैदराबाद में भी भारत ने 4 विकेट से ही जीता था। जयपुर की यह जीत राजस्थान के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई।
इस मैच की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि मैदान पर उतरी भारतीय टीम बिल्कुल वही थी, जिसने कुछ महीने पहले लॉर्ड्स के मैदान पर वेस्टइंडीज को हराकर 1983 वर्ल्ड कप जीता था।
जयपुर के इस मैच में भारत ने अपनी उसी ऐतिहासिक 'वर्ल्ड कप विनिंग इलेवन' (Kapil, Gavaskar, Srikkanth, Amarnath, Patil, etc.) को मैदान में उतारा था, जो फैंस के लिए किसी तोहफे से कम नहीं था।
Updated on:
14 Feb 2026, 2:11 PM IST
Published on:
14 Feb 2026, 2:11 PM IST
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