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Jaipur News: देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को शिकारा बोटिंग का आनंद लेने के लिए कश्मीर में जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जयपुर के आमेर में कश्मीर की तरह ही शिकारा बोटिंग शुरू होने जा रही है। विश्व प्रसिद्ध आमेर महल के सामने स्थित मावठा झील में 20 फरवरी से बोटिंग का रोमांच शुरू होने वाला है।
पर्यावरण और झील के जीव-जंतुओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यहां पेट्रोल या डीजल वाली नावों का उपयोग नहीं होगा। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के निर्देशन में यहां जर्मन मेड बैटरी ऑपरेटेड इंजन वाली नावें चलेंगी। यह पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होंगी, जिससे झील का पानी भी स्वच्छ बना रहेगा।
मावठा झील में मुख्य आकर्षण 'शिकारा बोट' (पैंटून बोट) होगी। इस 30 सीटर बोट में राजस्थानी लोक कलाकार सवार होंगे, जो अपनी सुरीली आवाज और वाद्य यंत्रों से पर्यटकों का मनोरंजन करेंगे। झील की लहरों के बीच बैठकर राजस्थानी लोग गीतों को सुनना और आमेर महल को निहारना पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।
संचालक परवेज खान ने बताया कि आमेर झील में पैडल बोट और साइकिल रोलर बोट की शुरुआत 20 फरवरी से की जाएगी। झील में 2 शिकारा बोट और 3 पैसेंजर बोट चलेंगी हालांकि शिकारा और पैसेंजर बोट को शुरू होने में लगभग एक सप्ताह का अतिरिक्त समय लगेगा।
शिकारा बोट का सफर करीब 30 से 45 मिनट का होगा, जबकि जनरल बोट का राउंड 12 से 15 मिनट का रहेगा। सुरक्षा के लिए दो रेस्क्यू बोटों का भी इंतजाम रहेगा। मावठा झील में बोटिंग दो प्वाइंट से संचालित होगी, एक आमेर हेरिटेज पॉइंट से और दूसरा पार्किंग पॉइंट से।
बोटिंग के टिकट की दरें RTDC द्वारा निर्धारित की जा रही हैं, जो काफी किफायती रहने की उम्मीद है। मावठा झील अन्य झीलों की तुलना में छोटी है, लेकिन लेकिन फिर भी इसमें आनंद की कोई कमी नहीं होगी। क्योंकि आमेर की पहाड़ियों का व्यू इस बोटिंग एक्सपीरियंस को राजस्थान के अन्य पर्यटन स्थलों से बिल्कुल अलग और शाही बनाता है।
Updated on:
14 Feb 2026, 8:45 PM IST
Published on:
14 Feb 2026, 8:45 PM IST
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