
जयपुर।
हमारा राजस्थान सात साल बाद कैसा हो? इसे लेकर अभी से ही 'एडवांस प्लानिंग' शुरू हो गई है। दरअसल, राज्य सरकार ने 'विजन 2030' डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने शुरू कर दिए हैं। सरकार का दावा है कि करीब एक करोड़ लोगों से मिले सुझाव के बाद प्रदेश के भविष्य को बेहतर करने की दिशा में रोडमैप बनाकर और उसी आधार पर आगे बढ़ा जाएगा।
आज एक दिन में मिलेंगे 62 लाख सुझाव
सरकार के दावे की माने तो 'विजन 2030' डॉक्यूमेंट के लिए आज एक दिन में उसे 62 लाख तक सुझाव मिलेंगे। दरअसल, सुझाव आमंत्रित करने का सिलसिला आज से शुरू हो गया है। पहला कार्यक्रम राजधानी जयपुर में शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से हो रहा है, जिसमें प्रदेशभर के स्काउट्स-गाइड्स, एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स के अलावा पंचायत सहायक अपने-अपने विचार और सुझाव सरकार को दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार आज हो रहे कार्यक्रमों में 33 हजार 882 एनसीसी कैडेट, 73 हजार 500 एनएसएस के स्वयंसेवक, 18 लाख 57 हजार 298 स्काउट्स-गाइड्स और 20 हजार विद्यालय सहायक अपने सुझाव देंगे। इसी तरह से 80 हजार ई-मित्र, 10 हजार जल उपयोगिता संगम सदस्य, 6 लाख 26 हजार 715 ग्राम और जल समिति सदस्य के साथ ही 35 लाख पैक्स सदस्य अपने-अपने सुझाव देंगे।
आज ऐसे चलेगा कार्यक्रम का सिलसिला
विजन-2030 के संबंध में आज विभिन्न विभागों में आमुखीकरण कार्यक्रम हो रहे हैं। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, सिंचाई एवं जलदाय विभाग और सहकारिता विभाग में कार्मिकों और हितधारकों के लिए आमुखीकरण कार्यक्रम रखे गए हैं। इन सभी कार्यक्रमों का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर तक किया जा रहा है।
सीएम गहलोत ने 15 अगस्त को की थी घोषणा
सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के लिए विजन-2030 दस्तावेज तैयार किये जाने की घोषणा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन की थी। उन्होंने कहा था कि इसके लिए एक मुहिम चलाकर एक करोड़ प्रदेशवासियों से सुझाव लिए जाएंगे। इन्हें समाहित कर राज्य सरकार मिशन 2030 का विजन डॉक्यूमेंट जारी करेगी। इससे प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा और राजस्थान वर्ष 2030 तक देश का अग्रणी राज्य बन सकेगा।
Published on:
31 Aug 2023 01:19 pm
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