
rajasthan vidhan sabha
जयपुर। 15 वीं राजस्थान विधानसभा के सप्तम सत्र की आज से शुरू हो रही बैठकों के दौरान राज्य की गहलोत सरकार को विपक्ष के साथ-साथ अपने विधायकों की नाराजगी का डर सता रहा है, सरकार को डर है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक के सदन में सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
करीब सत्तारूढ़ कांग्रेस के दो दर्जन विधायक ऐसे हैं जो अंदर खाने पार्टी और सरकार के कामकाज से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में आज से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार को अपने विधायकों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। इसी के मद्देनजर सरकार की ओर से नाराज विधायकों को मनाने और सदन में एकजुट रखने को लेकर कवायद शुरू हो गई है।
बैरवा-मदेरणा ने खोल रखा है मोर्चा
इधर एससी आयोग के चेयरमैन और कांग्रेस विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने भी दलित अत्याचार मामलों को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और मुख्यमंत्री और सरकार पर दलित वर्ग के साथ अन्याय करने का आरोप लगा चुके हैं। हाल ही में जालोर में दलित बच्चे की मौत के मामले में भी खिलाड़ी लाल बैरवा ने पार्टी लाइन से अलग होकर सरकार की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए थे और मुख्यमंत्री गहलोत से इस्तीफे की मांग तक कर डाली थी।
सरकार के खिलाफ धरना दे चुकी हैं दिव्या मदेरणा
इधर हाल ही में चिरंजीवी योजना को लेकर ओसियां से कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणाअस्पताल प्रशासन और जोधपुर जिला कलेक्टर के खिलाफ धरना देकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर चुकी हैं और अपने इस्तीफे की धमकी तक दे चुकी हैं। इससे पहले भी कई बार दिव्या मदेरणा दलित अत्याचार, महिला अत्याचार और बढ़ते क्राइम को लेकर भी गहलोत सरकार पर सवाल खड़े कर चुकी हैं। वहीं विधानसभा सत्र के दौरान भी जलदाय मंत्री महेश जोशी को रबड़ स्टांप बता चुकी हैं।
दलित अत्याचार के विरोध में पानाचंद मेघवाल ने भी खोला मोर्चा
दलित अत्याचार के विरोध में कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेज दिया था और कहा था कि वो पार्टी से पहले समाज के साथ हैं।
पायलट समर्थक विधायक भी ले चुके हैं सरकार को निशाने पर
वहीं सरकार की कार्यशैली और बढ़ते क्राइम को लेकर पायलट समर्थक विधायक भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले अमीन खां, राम नारायण मीणा और संयम लोढ़ा भी सरकार की कार्यशैली को लेकर अपनी नाराजगी खुलेआम जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र में भी सत्ता पक्ष के विधायक कई मामलों को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ मुखर हो सकते हैं, जिसे देखते हुए सत्ता और संगठन ने अपने विधायकों की नाराजगी दूर करने से कवायद शुरू कर दी है।
वीडियो देखेंः- 19 से शुरू होगा विधानसभा सत्र, महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पारित
Published on:
19 Sept 2022 09:50 am
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