
Chaitra Navratri 2023: बुधादित्य और गजकेसरी योग में करीब तीन साल बाद चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर बुधवार से हिंदू नववर्ष नवसंवत्सर-2080 व चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। वहीं, तिथि का क्षय न होने के कारण नौ दिन तक भक्त मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना करेंगे।
ज्योतिर्विद पं.घनश्याम लाल स्वर्णकार ने बताया कि द्विस्वभाव लग्न में सूर्योदय के बाद घट स्थापना की जा सकती है। अतः घट स्थापना के लिए द्विस्वभाव मीन लग्न में सुबह 6.33 से 7.40 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। फिर द्विस्वभाव मिथुन लग्न में सुबह 11.14 बजे से दोपहर 12.10 बजे की अवधि में घटस्थापना की जा सकती है। इसके अलावा सुबह 6.33 से सुबह 9.33 बजे तक लाभ, अमृत के चौघडि़ए में भी घट स्थापना होगी।
आमेर शिला माता मंदिर में सुबह 6.35 बजे घट स्थापना होगी। फिर सुबह 7.35 बजे से दर्शन शुरू होंगे। श्रद्धालु रोजाना सुबह छह से दोपहर 12.15 बजे और शाम चार से रात 8.30 बजे तक दर्शन कर सकेंगे।
Published on:
21 Mar 2023 09:57 pm
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