
ज्यादातर लड़कियों की उम्र 11 से 17 साल के बीच है।
मेड्रिड. तकनीक का दुरुपयोग कैसे अभिशाप बन सकता है, ये स्पेन के इस शहर से सीख सकते हैं। जैतून और रेडवाइन के उत्पादन में अग्रणी स्पेन के शांत और सुरम्य शहर अल्मेंद्रलेजो इन दिनों सोशल मीडिया कदाचार के मामलों से परेशान है। पिछले कुछ दिन से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से यहां किशोरियों के नग्न फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 30 हजार की आबादी वाला यह शहर सुर्खियों में आ गया। जिन लड़कियों के फोटो सोशल मीडिया पर डाले गए हैं, उनमें ज्यादातर की उम्र 11 से 17 साल के बीच है। इनमें ज्यादातर पश्चिमी प्रांत बदाजोज या आसपास के इलाकों की हैं। 28-30 लड़कियों के फोटो एआइ की मदद से एडिट कर डाले गए हैं। इससे लड़कियां और इनके परिवार सदमे में हैं।
बच्चियां और परिवार सदमे में
14 वर्ष की एक किशोरी की मां मारिया ने बताया कि एक दिन उसकी बेटी सहमी हुई सी आई और कहा, मां-मेरी टॉपलेस तस्वीरें वायरल हो गईं। मेरे यह पूछने पर कि क्या उसने ऐसी तस्वीरें खिंचवाई हैं, तब उसने कहा, ये नकली तस्वीरें हैं। मेरी कक्षा में अन्य लड़कियों के साथ भी ऐसा ही हुआ है। मारिया ने बताया कि ऐसी 28 लड़कियों के माता-पिता ने कस्बे में एक सहायता समूह बनाया है।
हर एंगल से जांच
पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अभी तक 11 ऐसे लडक़ों की पहचान की गई है, जिन्होंने इन तस्वीरों को गलत एडिट किया और वाट्सऐप और टेलिग्राम या अश्लील साइटों पर डाला। जांच अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि इन लड़कियों को ब्लैकमेल भी किया गया है क्या? माना जा रहा है कि ऐसी सभी तस्वीरों को गर्मियों में बनाया गया था।
अभिभावक जिम्मेदार
स्थानीय पेंटर फ्रांसिस्को जेवियर गुएरा कहते हैं कि इस कृत्य में शामिल लडक़ों के माता-पिता दोषी हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि बच्चे आपके फोन के साथ क्या कर रहे हैं, कौन-कौन से ऐप डाउनलोड किए हैं?
आड़े आ सकता है कानून
संदिग्ध दोषियों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है। स्पैनिश कानून ऐसे अपराधों को कवर नहीं करता, जिसमें वयस्कों की छवियों को एडिट किया हो। हालांकि नाबालिगों के साथ ऐसा बाल अश्लीलता की श्रेणी में आता है। इसमें गोपनीयता कानूनों के उल्लंघन का भी मामला बनाया जा सकता है।
आपत्तिजनक वीडियो-फोटो डालना तो दूर, मोबाइल में रखना भी जुर्म
तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ अथवा पॉर्न साइटों पर वीडियो-तस्वीर अपलोड करने के मामले में ज्यादातर देशों में कठोर कानून हैं। पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 15 के पहले क्लॉज में प्रावधान है कि वीडियो अपलोड करने वाले के अलावा यदि किसी ने अपने मोबाइल फोन में इसे रखा तो भी सजा का प्रावधान है। इसलिए सबसे पहले अपने वाट्सऐप में ऑटो डाउनलोड डिसेबल रखें, क्योंकि ऐसा नहीं होने पर कोई भी वीडियो आपकी मर्जी के बिना डाउनलोड हो जाएगा। आपको कोई फंसा भी सकता है। दूसरा, अभिभावक सोशल मीडिया पर नजर रखें और पिक्चल गैलरी को कस्टमाइज कर दें। कुल मिलाकर सावधानी से ही आप खुद की और दूसरे के हितों की सुरक्षा कर सकते हैं। आमतौर पर पॉर्नोग्राफिक कंटेंट यदि सर्कुलेट होता है तो एनजीओ एनसीएमईसी इसकी सूचना संबंधित देश को भेजते हैं। फिर इसे हर राज्य की नोडल एजेंसी को भेजा जाता है, जो कंटेंट डालने वाली की पूरी जानकारी खंगाल लेती है। दोषी पर 67बी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पांच साल की सजा हो सकती है। इसे गैर जमानती अपराध माना जाता है।
-मुकेश चौधरी
साइबर, क्राइम एक्सपर्ट, जयपुर
Published on:
25 Sept 2023 12:27 am

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