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Child Adoption:सिंगल पैरेंट्स के लिए खुशखबरी: अब आसानी से ले सकेंगे बच्चा गोद, सरकार ने जारी किए नए नियम

अब सिंगल पैरेंट्स के लिए बच्चा गोद लेना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियमों के तहत, 35 से 60 साल की उम्र के अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग रह रहे लोग भी अब बिना किसी परेशानी के बच्चा गोद ले सकते हैं।

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Child Adoption 2024: जयपुर। अब सिंगल पैरेंट्स के लिए बच्चा गोद लेना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियमों के तहत, 35 से 60 साल की उम्र के अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग रह रहे लोग भी अब बिना किसी परेशानी के बच्चा गोद ले सकते हैं। इससे पहले, 2016 के मॉडल फॉस्टर केयर गाइडलाइंस के अनुसार, केवल विवाहित जोड़े ही बच्चा गोद ले सकते थे।

5 साल की देखभाल के बाद ही मिलेगा गोद लेने का अधिकार

नए नियमों के अनुसार, शादीशुदा हो या नहीं, किसी भी व्यक्ति को बच्चा गोद लेने की अनुमति दी गई है, लेकिन फॉस्टर पेरेंट्स को अब दो साल के बजाय पांच साल तक बच्चे की देखभाल करनी होगी, जिसके बाद ही वे उसे गोद ले सकेंगे। फॉस्टर केयर सिस्टम के तहत बच्चे अस्थायी रूप से विस्तारित परिवार या किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहते हैं।

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कौन से बच्चे लिए जा सकते हैं गोद?

सरकारी नियमों के अनुसार, भारत में 6 साल से अधिक उम्र के वे बच्चे जिन्हें बाल देखभाल संस्थानों में रखा गया हो और जिनके ‘अयोग्य अभिभावक’ हों, उन्हें गोद लिया जा सकता है। इसके अलावा, विशेष जरूरतों वाले नाबालिग बच्चों को भी गोद लेने की अनुमति दी गई है, जिससे ऐसे बच्चों को भी घर मिल सकेगा।

विवाहिता के लिए स्थिर वैवाहिक जीवन अनिवार्य

विवाहित जोड़ों के लिए बच्चे को गोद लेने के नए नियम के अनुसार, उन्हें कम से कम 2 साल तक एक स्थिर वैवाहिक जीवन जीना होगा। यह बदलाव 2016 के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए 2021 के किशोर न्याय (देखभाल और बच्चों की सुरक्षा) अधिनियम और 2022 के किशोर न्याय (देखभाल और बच्चों की सुरक्षा) मॉडल नियमों में किया गया है।

फॉस्टर पेरेंट्स की उम्र की नई शर्तें

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 6 से 12 साल और 12 से 18 साल की उम्र के बच्चों को गोद लेने के लिए विवाहित जोड़े की संयुक्त उम्र कम से कम 70 साल होनी चाहिए। वहीं, एक अकेले फॉस्टर पेरेंट की उम्र 35 साल से कम नहीं होनी चाहिए। 6 से 12 साल के बच्चे को गोद लेने के लिए एक अकेले व्यक्ति की अधिकतम उम्र 55 साल और 12 से 18 साल के बच्चे को गोद लेने के लिए 60 साल तक होनी चाहिए।

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बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया

अब फॉस्टर पेरेंट्स आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। चाइल्ड अडॉप्शन रिसोर्स इंफॉर्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम (CARINGS) प्लेटफॉर्म के जरिए फॉस्टर पेरेंट्स अपने दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म का उपयोग पहले से ही दत्तक माता-पिता कर रहे हैं। 2024 के फॉस्टर केयर दिशा-निर्देशों में एक निर्दिष्ट ऑनलाइन पोर्टल का प्रावधान किया गया है, जहां संभावित फॉस्टर पेरेंट्स जिला बाल संरक्षण इकाइयों की मदद से अपने दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2024 तक गोवा, हरियाणा और लक्षद्वीप को छोड़कर बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,653 बच्चे पालक देखभाल में थे। नए नियमों के लागू होने से सिंगल पैरेंट्स के लिए बच्चा गोद लेना पहले से अधिक सरल और सुगम हो गया है, जिससे वे भी बिना किसी बाधा के माता-पिता बनने का सुखद अनुभव कर सकते हैं।