सीएमओ से जुड़ा रहेगा ऑफिस
बताते हैं कि भरतपुर में प्रस्तावित जनसुनवाई केन्द्र को सीएमओ से जोड़कर रखा जाएगा। ताकि यहां आने वाले जिन परिवादों पर निस्तारण स्थानीय स्तर पर होना है, उन्हें स्थानीय स्तर पर ही निस्तारित कराया जा सके। बाकी जिन परिवादों का निस्तारण मुख्यालय स्तर पर होना है, उन्हें वहां से निस्तारण के लिए भेजा जाएगा। हालांकि फिलहाल सिर्फ स्थानीय प्रशासन को जनसुनवाई केन्द्र व करीब 1000-500 परिवादियों के लिहाज व्यवस्था करने को कहा गया है।