
75 फीसदी लोग आम के साथ डंप कर रहे ई-कचरा
Pollution Control Board : राजधानी के लोग अब घर बैठे कबाड़ इलेक्ट्रिक उपकरण बेच रहे हैं और भुगतान भी हाथों-हाथ किया जा रहा है। हर सामान की दर निर्धारित हो चुकी है और उसी हिसाब से आमजन को पैसा मिल रहा है। बड़ी बात यह है कि अभियान के रूप नें चल रहे इस काम के दौरान अब तक एक करोड़ रुपए की खरीद हो चुकी है। बतादें कि पहले यह अभियान केवल औद्योगिक इकाइयों के लिए चलाया गया था और अब हर आम आदमी को इससे जोड़ा जा रहा है। जयपुर के बाद यह अभियान जिलेवार शुरू किया जाएगा।
बांटे जा चुके हैं एक करोड़
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से शुक्रवार से जयपुर में कॉलोनियों से लेकर व्यवसायिक, औदयोगिक जगहों से घर बैठे ईवेस्ट कलेक्शन के लिए जयपुर जिले में एक महीने के लिए अभियान शुरू होगा। इसके बदले निर्धारित दरों के हिसाब से आमजन को भुगतान मिलेगा। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल अध्यक्ष वीनू गुप्ता ने बताया कि पहले तीन चरणों में प्रदेश में कुल 309 मेट्रिक टन ईवेस्ट एकत्रित हुआ। इसके बदले एक करोड़ रुपए से अधिक आमजन को दिए जा चुके हैं। राजधानी जयपुर से एक महीने के लिए ईवेस्ट को एकत्रित करने के लिए स्थानीय ईवेस्ट रिसाइक्लिंग, डिस्मेटलिंग इकाइयों और उत्पादक इकाइयों के साथ मिलकर ड्राइव शुरू की जा रही है। शहरवासियों से अपील है कि घर बैठे ईवेस्ट देकर उचित मूल्य लें। ईवेस्ट के शाखा प्रभारी नीरज माथुर( अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता)ने बताया कि कॉलोनी में ईरिक्शा के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही पंफलेटस आदि भी बांटे जाएंगे। टोंक रोड, अजमेर रोड, वैशालीनगर, मालवीय नगर, सोडाला सहित अन्य जगहों को शामिल किया है।
किस सामान के कितने दाम
मेनफ्रेम सर्वर के 85, पीसी के 40, लैपटॉप—नोटपेड—कम्प्यूटर के 100, प्रिंटर के 30, टेलेक्स के 15, टेलीफोन के 15,टीवी के 12, फ्रिज के 35, वाशिंग मशीन के 30,एसी के 80 रुपए प्रति किलो और दर के हिसाब से ईवेस्ट लिया जाएगा। इसी प्रकार प्लास्टिक मिश्रित ईवेस्ट सात, धातु मिश्रित ईवेस्ट 22, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड छह, विदयुत उपकरण छह रुपए किलो के हिसाब से लिया जाएगा। उक्त दरें रिसाइकलर्स और डिसमैटलर्स द्वारा निर्धारित की गई है।
शरीर के लिए हानिकारक
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के पर्यावरणविदों की माने तो आम तौर पर घर-प्रतिष्ठनों एवं कारखानों से निकलने वाले अनुपयोगी और इलेक्ट्रोनिक एवं इलेक्ट्रिकल उपकरणों को कबाड़ी खरीदते हैं, इसके साथ वेस्ट को सामान्यतः गैर वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाता है। पर्यावरण अभियंता वी. एस. बृजवासी ने बताया कि इससे निकलने वाले हानिकारक हैवी मेटल्स, प्रदूषक तत्व एवं अन्य रसायन मिट्टी, जल एवं वायु को प्रदूषित करते हैं, जो मानव शरीर में पहुंचकर गंभीर रोग उत्पन्न कर सकते हैं। अप्रचलित कम्प्यूटर पेरीफेरल्स, पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सेल फोन्स, ऑडियो विजुअल इक्विपमेंट और घरेलू उपकरण का अच्छा मूल्य मिल सकेगा।
यहां चलेगा अभियान
तारीख दिन जगह
8 से 12 अप्रेल तक शुक्रवार—मंगलवार सिविल लाइन,
श्याम नगर, सोडाला और न्यूसांगानेर रोड
13 से 17 अप्रेल तक बुधवार— रविवार महेशनगर, गोपालपुरा
18 से 22 अप्रेल तक सोमवार—शुक्रवार मानसरोवर, सांगानेर
23 से 27 अप्रेेल तक शनिवार—बुधवार वैशालीनगर, खातीपुरा,झोटवाड़ा
Updated on:
08 Apr 2022 11:59 am
Published on:
08 Apr 2022 10:19 am
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