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कांग्रेस को सुबह-सुबह ‘झटका’! प्रो. गौरव वल्लभ ने दिया इस्तीफा, जानें क्या रहा राजस्थान से ख़ास कनेक्शन?

Prof. Gourav Vallabh Resigns from Congress : प्रो. गौरव वल्लभ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र को साझा करते हुए इस्तीफे के कारणों का भी खुलासा किया। वल्लभ राजस्थान की राजनीति में भी खासा चर्चा में रहे।

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gourav vallabh resigns from congress has special connection with rajasthan

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[typography_font:14pt]'मैं नहीं कर सकता...'
[typography_font:14pt]इस्तीफे की जानकारी शेयर करते हुए प्रो. गौरव वल्लभ ने अपनी 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमें मैं ख़ुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।'

[typography_font:14pt]खत में लिखी 'मन की बात'
[typography_font:14pt]प्रो. गौरव वल्लभ ने अपने इस्तीफे में लिखा, 'भावुक हूं और मन व्यथित है। काफी कुछ कहना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं और बताना चाहता हूं। लेकिन मेरे संस्कार ऐसा कुछ भी कहने से मना करते हैं। फिर भी मैं आज अपनी बातों को आपके समक्ष रख रहा हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि सच को छुपाना भी अपराध है। ऐसे में मैं अपराध का भागी नहीं बनना चाहता।'

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[typography_font:14pt;" >उन्होंने कहा, 'जब मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी, तब मेरा मानना था कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। यहां पर युवा और बौद्धिक लोगों के आइडिया की क़द्र होती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुझे यह महसूस हुआ कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप नए आइडिया वाले युवाओं के साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पाती।'

गौरव वल्लभ ने कहा, 'अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कांग्रेस के रुख से मैं क्षुब्ध हूं। मैं जन्म से हिंदू और कर्म से शिक्षक हूं, पार्टी के इस स्टैंड ने मुझे हमेशा असहज किया। पार्टी और गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन के विरोध में बोलते हैं। इन दिनों पार्टी गलत दिशा में आगे बढ़ रही है। एक ओर हम जाति आधारित जनगणना की बात करते हैं तो वहीं दूसरी ओर संपूर्ण हिंदू समाज के विरोधी नजर आ रहे हैं।'