
सावधान, गुटखा-पान मसाला व सुपारी खाना बंद कर दें, क्योंकि इनमें केमिकल रूप में जहर की मिलावट
जानकारों की मानें तो ( gutkha ban ) गुटखों का स्वाद बढ़ाने इनमें ऐसे रसायन मिलाए जा रहे हैं जो बहुत ही जहरीले हैं, धीरे-धीरे लोगों को मार रहे हैं यानि कि शरीर के अंगों को डैमेज कर रहे हैं.इसके अलावा ये पुरुषों को नपुंसक भी बना सकते हैं.वर्तमान में तंबाकू और अन्य धूम्रपान उत्पादों के सेवन से होने वाली बीमारियों से प्रदेशभर में 77 हजार लोगों की मौत हर साल हो रही हैं.
जानलेवा पान मसाला
मुंह का कैंसर-पान मसालों का लगातार सेवन करने वाले लोगों के जीभ,जबड़ों औऱ गालों के अंदर सफेद पेच बनने लगते है और मुंह में कैंसर की कोशिकाएं विकसित होने लगती है.कई बार ये कैंसर जानलेवा भी बन जाते है.ये कैंसर मुंह तक ही सीमीत नहीं रहता बल्कि गले और श्वासनली से होता हुआ फेफड़ों में पहुंच कैंसर का रूप ले लेता है.
डीएनए को क्षति- गुटखा खाना शरीर के हॉर्मोंस को प्रभावित करता है वही पान मसालों के सेवन से डीएनए को भी क्षति पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है.
एंज़ाइम्स पर बुरा प्रभाव - शरीर के हर अंग में साइप-450 नामक एंजाइम होता है जो हार्मोंस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और पान मसालों के सेवन से इस एन्ज़ाइम की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ता है.
दांत खराब हो जाते है-लगातार इसके सेवन से दांत समय से पहले ढीले व कमजोर हो जाते हैं और बैक्टीरिया दांतों में जगह बना लेते हैं जिससे दांत गल जाते हैं.
राजस्थान की स्थिति
- 21.4 % (15 वर्ष से अधिक ) धूम्रपान रहित तंबाकू का उपयोग करते हैं,
जबकि 10.7 % धूम्रपान करते हैं जिसका मुख्य कारण 90 % मुंह का कैंसर है
-राजस्थान में वर्तमान में 13.2 प्रतिशत लोग धूम्रपान के रूप में तंबाकू
का सेवन करते है, जिसमें 22 प्रतिशत पुरुष, 3.7 प्रतिशत महिलांए शामिल
हैं
-14.1%लोग चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का प्रयोग करते हैं, जिसमें 22
प्रतिशत पुरुष और 5.8 प्रतिशत महिलाएं हैं
Updated on:
03 Oct 2019 10:17 am
Published on:
03 Oct 2019 10:06 am
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