जयपुर। पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में शहर में भागवत कथाओं का दौर जारी है। कथा श्रवण के लिए लोग उमड़ रहे है। इस दौरान श्रीकृष्ण की लीलाएं साकार हो रही है। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में कलश—पोथी यात्रा के साथ भागवत कथा शुरू हुई। आज कथा में परीक्षित जन्म, शुकदेव आगमन, कपिलोपाख्यान आदि प्रसंग पर कथा प्रवचन होंगे। वहीं बड़ी चौपड़ स्थित मंदिरश्री लक्ष्मीनारायण बाइजी में चल रही भागवत कथा में आज हवन होगा, इसके साथ कथा का विश्राम होगा।
शहर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर के सत्संग भवन में एक दिन पहले बुधवार को कलश-पोथीयात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कलश-पोथी यात्रा गोविंद देवजी के निज मंदिर से हरि नाम संकीर्तन से प्रारंभ होकर सत्संग भवन पहुंची। इस मौके पर निज मंदिर की चौघट पर पूजा की गई। भागवत कथा में पहले दिन वृंदावन के धीरज कृष्ण शास्त्री ने भागवत कथा के महात्म्य का श्रवण कराया। कथा 15 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक होगी।
पदमावती पार्क में भागवत कथा आज से
निर्माण नगर की पदमावती कॉलोनी प्रथम के मंदिर श्री राधा गोविंद पदमावती पार्क में 10 से 16 अगस्त तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। व्यासपीठ से दादूपंथी प्रकाशदास दोपहर एक से शाम पांच बजे तक कथा श्रवण कराएंगे। इससे पहले कलशयात्रा निकाली गई। कथा के समापन पर 17 अगस्त को हवन होगा।
भागवत कथा में सुनाया कृष्ण-रुक्मणि विवाह प्रसंग
आमेर के सियाराम बाबा की डूंगरी के पास श्री रामनगर के नंद मंदेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में व्यासपीठ से शिवकांत शास्त्री ने कृष्ण रूक्मणि सहित अन्य प्रसंगों का श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि इस प्रसंग का श्रवण करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। कथा में आज नवयोगेश्वर संवाद, सुदामा चरित्र, भागवत सार, कलियुग वर्णन, परीक्षित मोक्ष की कथा के साथ भागवत का विश्राम होगा।