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कम्प्यूटराइज्ड होंगी प्रदेश की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियां

प्रदेश की 7 हजार से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों को मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए ना केवल इन समितियों को कम्प्यूटराइज्ड किया जाएगा बल्कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में भी 557 पदों पर भर्ती की जाएगी।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Sep 28, 2022

जयपुर, 28 सितम्बर। प्रदेश की 7 हजार से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों को मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए ना केवल इन समितियों को कम्प्यूटराइज्ड किया जाएगा बल्कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में भी 557 पदों पर भर्ती की जाएगी। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने कहा कि इस वर्ष 1298 ग्राम सेवा सहकारी समितियों का चयन कर लिया गया है और शेष समितियों का तीन वर्षों के भीतर चयन कर कम्प्यूटराइजेशन की प्रक्रिया की जाएगी।
गुहा बुधवार को अपेक्स बैंक में नाबार्ड की 50वीं उच्च स्तरीय और राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी केंद्रीय सहकारी बैंक पैक्स चयन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करे ताकि कम्प्यूटराइजेशन की आगामी कार्यवाही को पूरा किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला कलेक्टर स्तर की बैठक का आयोजन इसी माह पूरा कर पैक्स चयन की सूचना भिजवाएं।
557 पदों पर होगी भर्ती
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में रिक्त 557 पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड को अभ्यर्थना भेज दी गई है और शीघ्र ही बोर्ड भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगा जिससे स्टाफ संबंधी समस्या दूर हो सकेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक के स्तर पर एक मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाए जिससे केंद्रीय सहकारी बैंकों को दिए लक्ष्यों और उनके कार्यों की समय-समय पर मॉनिटरिंग हो सके। गुहा ने कहा कि बैंक नाबार्ड और आरबीआई की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन करे और सूचनाओं को त्वरित रूप से भिजवाए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक के अधिकारी व्यावसायिक बैंकर की तरह कार्य कर बैंक के व्यवसाय में बढ़ोतरी करे। सहकारिता का दायरा व्यापक है और केंद्र सरकार भी अब इस और नई नीति जारी करने वाली है इसलिए ऐसे में बैंक कार्यदक्षता में वृद्धि करें।
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंक फसली ऋण के अलावा दीर्घकालीन ऋण वितरण पर भी ध्यान दे। नाबार्ड की ओर से विभिन्न योजनाओं का बैंक लाभ ले और दिए गए लक्ष्यों को समय पर पूरा करे। उन्होंने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन सहकारिता के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है और इससे बैंक की गतिविधियों में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पैक्स चयन के लिए निर्धारित मापदंडों को शीघ्र ही पूरा करे। बैठक में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक बीएन कुरूप, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक बृजेंद्र राजोरिया, सहकारिता विभाग, नाबार्ड, अपेक्स बैंक और केंद्रीय सहकारी बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।