
गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली
राजस्थान में बजरी खनन को लेकर सोमवार को सीबीआई की जांच में प्रगति नहीं दिखने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी। सीबीआई की ओर कहा गया कि स्थानीय पुलिस से सहयोग नहीं मिला। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार को भजनलाल सरकार पर जमकर निशाना साधा है। डोटासरा ने 'पहरेदार ही हिस्सेदार' का आरोप लगाया तो जूली ने बजरी माफियाओं की खुली लूट पर सरकार की चुप्पी का आरोप मढ़ा।
गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि 'राजस्थान में अवैध खनन और बजरी की लूट के लिए कोर्ट, कानून और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रदेश के "पहरेदार ही हिस्सेदार" बनकर माफियाओं से राज्य को छलनी करा रहे हैं और राजस्थान की संपदा 'लूट' रहे हैं। हाईकोर्ट कहता है कि पुलिस और खान विभाग की शह पर अवैध खनन हो रहा है। माननीय कोर्ट ने जांच CBI को सौंपी तो अब CBI कहती है कि राजस्थान पुलिस सहयोग नहीं कर रही है।'
डोटासरा ने आगे लिखा कि 'सरकार के कैबिनेट मंत्री कहते हैं कि राज्य में हर दिन 7 करोड़ की बजरी चोरी हो रही है। माफिया 'पुष्पा' बनकर अवैध खनन की रीलें अपलोड करके कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी और ईमानदार पुलिसकर्मी माफियाओं का निशाना बन रहे हैं और ये सब इसलिए हो रहा है। क्योंकि माफियाओं को भाजपा सरकार से संरक्षण प्राप्त है, जो अब पूरी तरह उजागर हो चुका है।
उधर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि 'भाजपा का राज मतलब ‘माफियाओ का राज’। बूंदी में अवैध खनन रोकने गए वन कर्मियों पर कुल्हाड़ी व रॉड से हमला किया गया। राजस्थान में अवैध खनन की लूट के लिए कोर्ट, कानून और नियमों की धज्जियां उड़ रही है। हाईकोर्ट कह रहा है कि पुलिस और खान विभाग की शह पर अवैध खनन हो रहा है। कोर्ट ने जांच CBI को सौंपी तो अब CBI कह रही है, राजस्थान पुलिस सहयोग नहीं कर रही, गृहमंत्री मौन हो गए है।'
उन्होंने आगे लिखा कि 'भाजपा राज में अवैध खनन और बजरी माफियाओ की खुली लूट पर सरकार चुप है! माफियाओं को इस लूट-खसोट में सरकार का पूरा संरक्षण मिल रहा है, अधिकारी पीट रहे है, माफियाओं का जंगलराज चल रहा है। प्रदेश में जंगलों, नदियों और संसाधनों की खुली लूट हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल मूकदर्शक बने बैठे हैं। भाजपा सरकार माफियाओं के आगे नतमस्तक हो गई है। जवाब तो देना पड़ेगा।'
इससे पहले सोमवार को हाईकोर्ट में सीबीआई ने सुनवाई के दौरान अवैध बजरी खनन की जांच पर प्रगति नहीं दिखाई, जिसके चलते कोर्ट ने नाराजगी दर्ज की। सीबीआई ने तर्क दिया था कि उसके पास अवैध खनन और बजरी के अवैध परिवहन की जांच के लिए संसाधन नहीं है। साथ ही कहा कि स्थानीय पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रही है। हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में 17 मार्च को सीबीआई निदेशक को तलब किया है।
Updated on:
04 Mar 2025 06:31 pm
Published on:
04 Mar 2025 06:30 pm

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