
ashok gehlot hanuman beniwal
जयपुर। Rajasthan Budget 2019 - नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ( hanuman beniwal ) ने कहा कि राज्य सरकार का बजट निराशा से भरा है। घोषणाएं पूरी कैसे की जाएंगी, यह नहीं बताया गया। मुख्यमंत्री ने भर्तियों की बात की, लेकिन इसका रोडमेप नहीं बताया। संपूर्ण कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ते सहित जिन वादों और मुद्दों के साथ कांग्रेस ने चुनाव लड़ा, उस पर बजट में कुछ नहीं कहा गया।
तिवाड़ी बोले- बजट राज्य को नई दिशा देगा
इधर, राजस्थान के पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ( ghanshyam tiwari ) ने विधानसभा में प्रस्तुत बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस मन्दी के युग में मख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिना कोई कर लगाए सभी क्षेत्रों शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, ऊर्जा तथा बेरोजगारी जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर पूरा ध्यान दिया है।
तिवाड़ी ने कहा कि राज्य में मौहल्ला क्लिनिक खोलने, किडनी, हार्ट, कैंसर जैसी भयंकर बिमारियों की फ्री दवा तथा जांच से ग़रीब एवं आम नागरिक को राहत देने तथा बेरोजगारों के लिए 75 हजार सरकारी नौकरी, एक लाख तक का ऋण, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के अन्तर्गत 25 हजार युवाओं को जोड़ना, यूथ मोटिवेशन योजना, सौर ऊर्जा को बढ़ाकर सोलर से कृषि को बिजली, प्रदेश के सभी घरों पर सोलर पैनल लगे, किसानों को चरणबद्ध तरीके से सोलर पम्प उपलब्ध कराये जाएंगे जैसी घोषणाएं राज्य को नई दिशा देगी।
युवा, किसान एवं बेरोजगार विरोधी बजट- कटारिया
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाबचन्द कटारिया ( Gulab Chand Kataria ) ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट को मुख्यमंत्री अशोक गहलात ( Ashok Gehlot ) ने पांच वर्ष का खाका बताया है, लेकिन बजट देखने से लगता है कि यह एक वर्ष का भी रोड मेप नहीं है। कटारिया ने यहां कहा कि किसानों के कर्जमाफी की बात कही है, जो पुरानी घोषणा का दोहराव मात्र है। अब तक बैंकों को राज्य सरकार की तरफ से पैसा नहीं दिया गया है। किसानों को केवल कर्जमाफी के सर्टिफिकेट बांटे गए हैं।
Published on:
11 Jul 2019 09:13 am
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