
जयपुर। राजस्थान से सटे हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा को लेकर मोनू मानेसर का बड़ा बयान सामने आया है। एक समाचार चैनल से बातचीत में मोनू मानेसर ने कहा कि मैं कल नूंह नहीं गया। नूंह में हुए बवाल से मेरा कोई लेना देना नहीं है। घाटमीका के नासिर-जुनैद हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर की राजस्थान पुलिस सात महीने से तलाश कर रही है, वो हरियाणा में छिपता घूम रहा है। हरियाणा के नूंह में प्रस्तावित बृजमंडल यात्रा में मोनू मानेसार को आना था, लेकिन हंगामा व पथराव होने के बाद देर शाम तक वह नहीं पहुंचा। ऐसे में राजस्थान पुलिस को हर बार की तरह इस बार भी बैरंग ही लौटना पड़ा है।
हरियाणा में हुई घटना के बाद जिले के कामां, पहाड़ी, जुरहरा, सीकरी, गोपालगढ़, कैथवाड़ा थाना इलाके में पुलिस ने गश्त व्यवस्था बढ़ा दी है। साथ ही बॉर्डर की सीमाओं पर पुलिस जाप्ता तैनात कर वाहनों की तलाशी लेने के बाद उन्हें जाने दिया जा रहा है। हरियाणा के मेवात में हुई घटना को दृष्टिगत रखते एतिहयात के तौर पर जिले के मेवात क्षेत्र में विशेष जाब्ता लगाकर पुलिस की ओर से निगरानी की जा रही है।
पिछले चार दिन से हरियाणा व राजस्थान के कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस मामले को लेकर जंग छिड़ी हुई थी। एक दिन पहले जैसे ही मोनू मानेसर ने वीडियो जारी किया तो मामला और बढ़ गया। दूसरे गुट ने सोशल मीडिया पर मोनू मानेसर को ही जान से मारने की धमकी दे डाली। साथ ही सोशल मीडिया पर यह सारा मामला चलने के बाद भी हरियाणा में इस मामले को हल्के में लिया गया। प्रकरण में पुलिस ने 17 फरवरी को ही रिंकू सैनी नूंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 19 मई को मोनू राणा और गोगी को गिरफ्तार किया था।
चार्जशीट में आया था मोनू मानेसर का नाम
16 फरवरी 2023 को हरियाणा के भिवानी में बोलेरो गाड़ी में दो जली हुई लाशें मिली थीं। छानबीन में पता चला कि यह लाशें राजस्थान के गोपालगढ़ के जुनैद और नासिर की थीं। यह भी पता चला कि उन्हें हरियाणा के कुछ गौरक्षकों ने मिलकर अपहरण किया था। फिर जमकर मारपीट करने के बाद थाने ले गए। हालांकि नासिर-जुनैद की हालत खराब होने की वजह से पुलिस ने कस्टडी में लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आरोपी पकड़े न जाएं, इसलिए उन्होंने दोनों को भिवानी के लोहारू में बोलेरो गाड़ी में जिंदा जला दिया।
इसमें कई गौरक्षकों के नाम सामने आए, इसमें सबसे प्रमुख नाम मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव का था। हालांकि मोनू ने एक वीडियो जारी करके इनकी हत्या में हाथ होने से इनकार कर दिया था। जुनैद और नासिर के परिजनों ने 15 फरवरी को मोनू समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 22 फरवरी को राजस्थान पुलिस ने आठ आरोपियों की फोटो जारी की, उनमें मोनू का नाम नहीं था। छह जून को कोर्ट में चार्जशीट में फिर मोनू का नाम शामिल किया गया।
Published on:
01 Aug 2023 02:34 pm
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