हेमलता जैन रुकी नहीं और आगे बताती चली गईं कहा, एकबारगी तो विश्वास ही नहीं हुआ कि मुझ कैंसर हो सकता हैं। घर में भी सब घबरा गए लेकिन मैंने हिम्मत रखी। 11 दिसम्बर 2019 को एसएमएस अस्पताल में सर्जरी हुई। इसके बाद कीमोथैरेपी शुरू हुई जो काफी कष्टप्रद थी। क्योंकि कीमोथैरेपी के लिए सुबह से शाम हो जाती थी। दूसरे-तीसरे दिन पेट नाभि के पास पेट पर इंजेक्शन लगते थे। उससे भी काफी पीड़ा होती थी। प्रत्येक 15-15 दिन के अंतराल में आठ कीमोथैरेपी हुई थी।