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कच्चा माल तेज होने से सरिया महंगा

स्पाँज आइरन की उपलब्धता घटने से सरिया 3000 रुपए प्रति टन उछला

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jaipur

कच्चा माल तेज होने से सरिया महंगा

जयपुर. कच्चा माल महंगा होने से लोहे में फिर से तेजी आई है। दुर्गापुर (बिहार) से आने वाले कच्चे माल की कीमतें बढऩे से यहां ब्रांडेड सरिया एक सप्ताह के दौरान करीब तीन हजार रुपए प्रति टन बढ़ गया है। गुप्ता प्राइम इस्पात प्रा. लिमिटेड के नरेश गुप्ता ने बताया कि प्लांटों में कच्चे माल (स्पॉन्ज आयरन) की उपलब्धता कम होने से लोहे में तेजी को बल मिल रहा है। हालांकि वर्तमान में मार्केट में सरिया की अपेक्षित डिमांड नहीं है। इस बीच सीमेंट कंपनियों ने 10 रुपए प्रति कट्टे की दर से सीमेंट के भाव बढ़ा दिए हैं। कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सीमेंट के भावों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। गौरतलब है कि बांगड़ एवं श्री सीमेंट के भाव वर्तमान में 266 रुपए हैं, जो कि अब बढक़र 276 रुपए प्रति कट्टे के आसपास हो जाएंगे। फिलहाल सीमेंट एवं बिल्डिंग मैटेरियल की डिमांड कमजोर बनी हुई है।
सरिया प्रति टन जीएसटी पेड। प्रीमियर 8 एम 53550, 10 एम 52600, 12 एम 50800 रुपए। कृष्णा 8 एम 53600, 10 एम 52650, 12 एम 50850 रुपए। मंगला 8 एम 52500, 10 एम 51500, 12 एम 50000 रुपए। शर्मा 8 एम 52000, 10 एम 51000, 12 एम 49500 रुपए। शर्मा एंगल मोटी 50500, एंगल पतली 51500 रुपए।

आइएसआइ मार्का जरूरी
भारत में स्टील की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए भारत सरकार ने हाल ही में एक नोटीफिकेशन जारी कर लगभग सभी तरह के स्टील उत्पादों को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड में लाने का फैसला किया है। इसकी मुख्य वजह विभिन्न हादसों में कंस्ट्रक्शन के कारण होने वाले जानी नुकसान को रोकना है। इसी के लिए सरकार ने सख्त फैसला लेते हुए अब स्टील उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को यह आदेश दिया है कि उनके यहा इस्तेमाल होने वाला इंगट या बिलट भी आइएसआइ मार्का होना चाहिए। इसका बड़ा नुकसान यह भी है कि विदेशों से आने वाले स्टील उत्पादों पर लगभग रोक लग जाएगी। क्योंकि विदेशों में ज्यादातर कंपनियों के पास ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड की रजिस्ट्रेशन नहीं है। जिस कारण वो अब भारत में अपना माल नहीं भेज सकेंगे, लेकिन इस नोटीफिकेशन की आड़ में भारत के सेकेंडरी और प्राइमरी स्टील कंपनियों ने अपने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

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