राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां उन कॉलेजों को बंद कर दिया गया है, जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने की क्षमता नहीं है। इसी प्रकार राजस्थान में भी केवल वही संस्थान शिक्षा की अनुमति प्राप्त करें, जो योग्य प्रोफेसर, बुनियादी सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराएं।