14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लिम्फोमा कैंसर के ठीक होने की सफलता दर सर्वाधिक- lymphoma cancer

- वर्ल्ड लिम्फोमा-डे ( lymphoma cancer) पर वेबिनार का आयोजन

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Tasneem Khan

Sep 15, 2021

Highest success rate for lymphoma cancer

Highest success rate for lymphoma cancer

Jaipur शरीर में उठने वाली सभी गांठ या एक ही स्थान पर होने वाली बहुत सी गांठे लिम्फोमा ( lymphoma cancer) नहीं हो सकती। फिर भी यदि लिम्फोमा ( lymphoma cancer) की पुष्टि हो जाती है तो घबराने की जरूरत नहीं। लिम्फोमा कैंसर का ही एक प्रकार है, जो समय पर उपचार से ठीक हो सकता है। यह दो प्रकार का होता है होचकिन और नोन। लिम्फोमा कैंसर का यदि प्रथम या दूसरी स्टेज पर ही पता चल जाए तो ठीक होने की सफलता दर 80 प्रतिशत तक है। यह कहना है महात्मा गांधी अस्पताल में श्रीराम कैंसर सेन्टर के निदेशक एवं मेडिकल ओंकोलोजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हेमन्त मल्होत्रा का। बुधवार को वर्ल्ड लिम्फोमा दिवस पर यहां एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
किसी भी अंग पर हो सकता है प्रभाव
इस मौके पर डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि लिम्फोमा ( lymphoma cancer) शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। इस कैंसर में इलाज के साथ परहेज रखें, तो भी व्यक्ति 10 से 15 साल तक जीवन आराम से बिता सकता है। उन्होंने कहा इसका उपचार मेडिकल ओंकोलोजी में संभव है। समय के बदलाव के साथ अब अत्याधुनिक मशीनें एवं उपकरण से उच्च गुणवत्तायुक्त इलाज संभव है।

कीमो के बाद भी होता है
वेबिनार में डॉ. नवीन गुप्ता ने कहां कीमो के बाद भी यदि बीमारी पलट कर आती है तो भी उपचार संभव है। इसमें हाई डोज कीमो थैरेपी एवं स्टैम सेल ट्रांसप्लांट का विकल्प भी अच्छे परिणाम दे सकता है। वेबिनार में डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहां कोई भी लिम्फनोट ( lymphoma cancer) होती है, तो उसकी बायोप्सी जांच करवाना आवश्यक है। आमजन में यह गलत धारणा रहती है कि गांठ को छिड़वाने से यह तेजी फैलती है और बढ़ जाती है। जबकि कोई भी अंदेशा होने पर बायोप्सी जांच करवाएं। हर लिम्फ नोट गांठ कैंसर की नहीं होती है।
बच्चों में रखें खास ध्यान
वहीं डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया लिम्फोमा बीमारी बच्चों में भी काफी होती है। किसी बच्चे को अकारण लम्बे समय तक बुखार रहना, वजन कम होना पेट में दर्द एवं आंतों में गांठ होना, फेफड़ों में पानी भर जाना, गर्दन एवं बगल में गांठ होना लिम्फोमा लक्षण होते है। बच्चों में लिम्फोमा बीमारी समय अनुसार उचित इलाज से 80 से 90 प्रतिशत तक ठीक हो जाती है। डॉ. शिखा ढाल ने कहां लोग्रेड लिम्फोमा सिर्फ रेडियो थैरपी से लिम्फोमा ( lymphoma cancer) ठीक हो सकता है। डॉ. तरूण जैन ने पेटसिटी स्केन का लिम्फोमा बीमारी के निदान एवं उपचार में अहम भूमिका बताई। वेबिनार में डॉ. अजय यादव, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. सुमित बंसल, डॉ. प्रशांत कुंभज, डॉ. अनुश्री पूनियां सहित अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।