
आबूरोड . किवरलीं स्थित एक निजी विद्यालय में अद्र्धवार्षिक परीक्षा दे रहे छात्रों को चौंकने पर मजबूर होना पड़ा जब उन्हें हिन्दी माध्यम से राजस्थान अध्ययन विषय की पढ़ाई करने के बाद परीक्षा के दौरान अंग्रेजी में प्रश्न-पत्र पकड़ा मिला। परीक्षा सबंधित व्यवस्थाओं में इस प्रकार की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा और आधा घण्टे का समय व्यर्थ चला गया। जब छात्रों ने इसकी शिकायत की तो परीक्षकों ने इसकी सूचना संस्था प्रधान भवानी शंकर पुरोहित को दी। उन्होंने परीक्षकों को प्रश्न-पत्र का हिन्दी अनुवाद कर बोर्ड पर लिखने के निर्देश दिए और पास ही स्थित सरकारी विद्यालय से प्रश्न-पत्र लाकर फोटो कॉपी छात्रों को वितरित की। गनीमत रही कि विद्यालय की बिजली आपूर्ति बंद नहीं हुई अन्यथा छात्रों को अंग्रेजी प्रश्न-पत्र में ही परीक्षा देनी पड़ती। कक्षा दसवीं के 21 छात्र परीक्षा देने नियत समय नौ बजे विद्यालय परिसर पहुंच गए। जब उन्हें प्रश्न-पत्र वितरित किए जा रहे थे तो उन्होंने परीक्षक से प्रश्न-पत्र अंग्रेजी में होने की शिकायत की। परीक्षक प्रश्न-पत्र का अनुवाद कर छात्रों को प्रश्न लिखने लगे। इस बीच छात्रों का काफी समय व्यर्थ चला गया। परीक्षा में लापरवाही से छात्रों का करीब आधा घण्टा देर से सही प्रश्न-पत्र मिले। इसमें भी समय कम मिलने से छात्रों के कई प्रश्न छूट गए।
इन्होने बताया ...
सभी प्रश्न-पत्र सरूपगंज से प्रिंट होकर आते है। शायद भूलवश हिन्दी की जगह अंग्रेजी प्रश्न-पत्र आ गया हो। जानकारी मिलने पर पास ही स्थित सरकारी विद्यालय से हिन्दी प्रश्न-पत्र की व्यवस्था करवा दी गई थी।
सतीश पुरोहित, नोडल अधिकारी आबूरोड
Published on:
12 Dec 2015, 4:23 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.