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Holi 2022 : 72 मिनट मिलेंगे होलिका दहन के लिए इसबार

Holi 2022 जयपुर। फाल्गुन शुक्त चतुर्दशी युक्त पूर्णिमा पर 17 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। Holi Festival इस दिन मध्यरात्रि तक भद्रा का साया होने से इस बार Holi Muhurta होलिका दहन के लिए सिर्फ 72 मिनट ही मिलेंगे। Holi special होलिका दहन का मुहूर्त भद्रा पुच्छ काल में रात 9 बजकर 02 मिनट से रात 10 बजकर 14 मिनट तक रहेेगा। Holi special वहीं इसके अलगे दिन 18 मार्च को धुलंडी का त्योहार मनाया जाएगा।

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Holi 2022 : 72 मिनट मिलेंगे होलिका दहन के लिए इसबार

Holi 2022 : 72 मिनट मिलेंगे होलिका दहन के लिए इसबार

Holi 2022 जयपुर। फाल्गुन शुक्त चतुर्दशी युक्त पूर्णिमा पर 17 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। Holi festival इस दिन मध्यरात्रि तक भद्रा का साया होने से इस बार Holi Muhurta होलिका दहन के लिए सिर्फ 72 मिनट ही मिलेंगे। Holi special होलिका दहन का मुहूर्त भद्रा पुच्छ काल में रात 9 बजकर 02 मिनट से रात 10 बजकर 14 मिनट तक रहेेगा। Holi special वहीं इसके अलगे दिन 18 मार्च को धुलंडी का त्योहार मनाया जाएगा।ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि 17 मार्च को दोपहर एक बजकर 30 मिनट पर पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन 18 मार्च को दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। होली का पर्व प्रदोष व्यापिनी पूर्मिणा के दिन मनाया जाता है। ऐसे में इस बार होली का त्योहार चतुर्दशीयुक्त पूर्णिमा पर 17 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा के साथ ही दोपहर एक बजकर 30 मिनट पर भद्रा शुरू हो जाएगी, जो रात एक बजकर 09 मिनट तक रहेगी। भद्रा में होलिका दहन अशुभ माना गया है, लेकिन शास्त्रों में भद्रा अगर मध्यरात्रि तक रहे तो होलिका दहन का श्रेष्ठ समय भद्रा पुच्छकाल या प्रदोषकाल को बताया गया है। इस बार भद्रा पुच्छकाल रात 9.02 बजे से रात 10.14 बजे तक रहेगा, इसबीच होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि शास्त्रों में मध्यरात्रि बाद होलिका दहन निषेध माना गया है। इस बार भद्रा रात एक बजकर 09 मिनट तक रहेगी। इस परिस्थिति में भद्रा पुच्छकाल में होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा।

यह होता है पुच्छकाल
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार भद्रा के तीसरे चरण की अंतिम तीन घड़ी पुच्छकाल मानी जाती है। पुच्छकाल 72 मिनट का होता है।