केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बॉर्डर से सटे जिलों समेत 10 जिलों को हवाई हमलों के हिसाब से सेंसिटिव माना है।
भारत-पाक संघर्ष विराम के बाद सीमावर्ती जिलों में रौनक लौट आई है। मंगलवार से जन-जीवन सामान्य हो गया है। बाजार पहले की तरह ही खुले और बंद हुए। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रदेश के 10 जिलों को हवाई हमलों के हिसाब से सेंसिटिव माना है। साथ ही श्रीगंगानगर के बाद अब जैसलमेर में भी पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बॉर्डर के समवर्ती जिलों (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, जोधपुर) के अलावा जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर जिलों के प्रमुख स्थानों पर इलेक्ट्रिक सायरन लगाने के निर्देश दिए हैं। हमले की स्थिति में ये सायरन सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से ऑपरेट किए जाएंगे। सिविल डिफेंस निदेशालय से जारी गाइडलाइन में इसका जिक्र किया गया है।
जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर में स्कूल-कॉलेज, यूनिवर्सिटी, आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग सेंटर्स मंगलवार से खुल गए थे। बीकानेर, जोधपुर और किशनगढ़ (अजमेर) तीनों एयरपोर्ट को मंगलवार से ऑपरेशनल कर दिया है। जबकि जोधपुर और बीकानेर से कल कोई फ्लाइट नहीं थी।
वहीं, किशनगढ़ एयरपोर्ट से स्टार एयरलाइंस ने आज हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, हिंडन, नांदेड और बेंगलुरु सहित 6 शहरों के लिए उड़ानें बहाल कर दी हैं। जोधपुर से भी आज विभिन्न शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो गई हैं।
सेना के उच्चाधिकारियों ने ग्रामीणों लोगों को ट्रेनिंग सेशन के दौरान बताया कि आने वाले समय में हमारे पड़ोसी देश से ड्रोन की गतिविधियां और भी बढ़ सकती हैं। इससे हमें निपटने के लिए हर समय तैयार रहना पड़ेगा। आम आदमी को पता होना चाहिए कि ड्रोन कैसे काम करता है और इससे दुश्मन देश को क्या फायदा मिल सकता है। यदि किसी को संदिग्ध वस्तु ड्रोन जैसी दिखाई देती है तो तुरंत ही इसकी सूचना बीएसएफ इंटेलिजेंस को देनी है।