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मॉब लिंचिंग पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, जांच सीआइडी को

महाराष्ट्र: सीएम उद्धव बोले-मामला सांप्रदायिक नहीं, दो पुलिसकर्मी निलंबित  
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जयपुर

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Vijayendra Kumar Rai

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Updated: 21 Apr 2020, 12:56 AM IST

Uddhav thackeray

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे।

पत्रिका ब्यूरो
मुंबई. पालघर में दो संतों सहित तीन लोगों की हत्या का मामला गरमा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात कर रिपोर्ट मांगी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उद्धव से बातचीत की है। विपक्षी दल भाजपा के हमले के बीच मुख्यमंत्री ठाकरे ने सोमवार को सफाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में दो पुलिस कर्मी निलंबित किए गए हैं। सीआइडी को जांच सौंपी गई है।
सोशल मीडिया पर जनता को संबोधित करते हुए सीएम उद्धव ने कहा कि कुछ लोग इसे धार्मिक रंग देकर आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि यह कोई सांप्रदायिक मामला नहीं है। मामले में पुलिस ने 110 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से नौ नाबालिग बाल सुधार गृह भेजे गए हैं जबकि 101 आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं।
असामाजिक तत्वों का काम
राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों के उकसावे में आकर भीड़ ने पीट-पीट कर साधुओं की हत्या कर दी। सीआइडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पालघर के एसपी गौरव सिंह ने बताया कि घटना को लेकर कासा के सहायक पुलिस निरीक्षक आनंदराव काले और पुलिस उप-निरीक्षक सुधीर काटारे को निलंबित किया गया है।
फडणवीस ने सरकार को घेरा
विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने साधुओं की हत्या के मामले में रविवार को उद्धव सरकार को घेरा। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए फडणवीस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। फडणवीस ने ट्वीट किया, पालघर में संतों सहित तीन लोगों की हत्या का वीडियो अमानवीय है। उन्होंने राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।

ये है मामला
मुंबई के कांदिवली आश्रम से महाराज कल्पवृक्ष गिरी, सुशील गिरी और ड्राईवर नीलेश तेलगडेे सूरत में एक संत के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। पालघर सीमा पर पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद संतों ने दाभाडी-खानवेल मार्ग पर गडचिंचले गांव के रास्ते सूरत जाने की योजना बनाई। इसी दौरान ग्रामीणों की भीड़ ने रोक कर इनकी पिटाई की, जिसमें तीनों की मौत हो गई।

तो आंदोलन होगा
साधुओं की हत्या के मामले में संत समाज में गुस्सा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी भी दी है। महंत ने कहा कि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो लॉकडाउन के बाद साधु-संत महाराष्ट्र कूच करेंगे। विलेपार्ले संन्यास आश्रम के स्वामी विश्वरानंद गिरी ने भी घटना की निंदा की है।