
जयपुर।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के राजस्थान केडर के तीन अधिकारी राजीव महर्षि, सुनील अरोड़ा व सुधीर भार्गव वर्तमान में देश में प्रमुख पद संभाले हुए हैं, लेकिन देश के इतिहास में राजस्थान केडर के दो आइएएस अधिकारी ही केबिनेट सचिव रहे हैं। इसके विपरीत 8 केबिनेट सचिव उत्तरप्रदेश (उत्तराखंड सहित) केडर के रहे हैं।
शिक्षा क्षेत्र में अब भी याद किए जाते हैं बोर्दिया
राजस्थान के कई आइएएस अधिकारी अब तक केन्द्र सरकार में प्रमुख पदों पर रहे हैं। डी आर मेहता सेबी अध्यक्ष रहे, लेकिन राजस्थान केडर के अनिल बोर्दिया का केन्द्रीय शिक्षा सचिव का कार्यकाल सबसे अधिक याद किया जाता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति बनवाई और बाद में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राजस्थान में काफी कार्य किया। इसी तरह जयपुर से अन्तर्राष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करवाने का श्रेय इण्डियन एयरलाइंस के सीएमडी रहे मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को जाता है। अरोड़ा के इण्डियन एयरलाइंस सीएमडी रहते समय ही जयपुर से दुबई के लिए विमान सेवा शुरू हुई थी। इसी तरह जब राजस्थान में रिफाइनरी स्थापना के प्रयास शुरू हुए, उस समय सुधीर भार्गव पेट्रोलियम मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे। भार्गव वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त हैं। ललित के पंवार के केन्द्रीय पर्यटन सचिव रहते समय आगरा—जयपुर पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्लान तैयार किया गया।
विनोद चंद्र और नरेश चंद्र बने थे कैबिनेट सचिव
राजस्थान केडर के आइएएस विनोद चन्द्र पाण्डे 1989 में टी एन शेषन का कार्यकाल पूरा होने के बाद केबिनेट सचिव बने। पाण्डे राजस्थान केडर से केबिनेट सचिव बनने वाले पहले आइए एस थे। पाण्डे का कार्यकाल पूरा होने पर 1990 में नरेश चन्द्र केबिनेट सचिव बने और वे भी राजस्थान केडर से ही आइएएस थे। नरेश चन्द्र इससे पहले राजस्थान के मुख्य सचिव भी रहे थे। शुरूआती कई सालों तक ब्रिटिशकाल की भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी ही केबिनेट सचिव बनते रहे। राजस्थान केडर के आइएएस राजीव महर्षि केन्द्र सरकार में गृह व वित्त सचिव रहे और वर्तमान में सीएजी के पद पर कार्यरत हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा व केन्द्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सुधीर भार्गव भी राजस्थान केडर के आइएएस हैं।
Published on:
26 May 2019 06:40 am

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