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आईसीआईसीआई वैल्यू डिस्कवरी फंड ने 23 दिनों में दिया 13 प्रतिशत रिटर्न

जयपुर। एक ओर जहां शेयर बाजार ( stock market ) में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, वहीं म्यूचुअल फंडों ( mutual funds ) की वैल्यू डिस्कवरी कैटेगरी ( discovery category ) ने निवेशकों ( investors ) को अच्छा रिटर्न दिया है। इस महीने की शुरुआत से लेकर अब तक इन फंडों ने 13 प्रतिशत का रिटर्न दिया है और उनकी टॉप 10 होल्डिंग में जो स्टॉक्स है, उसमें प्रमुख रूप से सनफार्मा, भारती एयरटेल, इंफोसिस, एनटीपीसी आदि का समावेश है।

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आईसीआईसीआई वैल्यू डिस्कवरी फंड ने 23 दिनों में दिया 13 प्रतिशत रिटर्न

आईसीआईसीआई वैल्यू डिस्कवरी फंड ने 23 दिनों में दिया 13 प्रतिशत रिटर्न

आंकड़े बताते हैं कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड रिटर्न के मामले में इस कैटेगरी में टॉप पर रहा है। यही नहीं, अगर एसआईपी की बात करें तो पांच सालों के मासिक एसआईपी रोलिंग रिटर्न के आधार पर एवरेज एसआईपी रिटर्न 19 प्रतिशत रहा है। वैल्यू फंडों का अगर 2005 से सीएजीआर की तर्ज पर रिटर्न देखें तो इन्होंने 16.3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। किसी निवेशक ने अगर उस समय आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी में 10 लाख रुपए लगाया होगा तो आज उसकी वैल्यू 77.3 लाख रुपए हो गई है, जबकि बेंचमार्क यानी निफ्टी 500 वैल्यू टीआरआई में यही राशि 34.6 लाख रुपए हुई है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के डेप्युटी सीआईओ मृणाल सिंह कहते हैं कि ऐतिहासिक रूप से जब भी बाजार या अर्थव्यवस्था में पुलबैक दिखता है, वैल्यू स्ट्रेटेजी हमेशा आउट परफॉर्म करती है। हमने पिछले 15 सालों में इसे बाजार के हर चक्र में देखा है और हमारा वैल्यू फंड लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न हमारे निवेशकों के लिए जनरेट किया है। मृणाल सिंह कहते हैं कि बाजार की अनिश्चितता वैल्यू निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर प्रदान करती है। इस समय में प्रोविडेंट इनवेस्टमेंट ऑप्शन सुरक्षा के ज्यादा मार्जिन के साथ आता है। इस तरह के अवसर तब आते हैं जब बाजार या स्टॉक्स निगेटिव साइड ओवररिएक्ट करते हैं। हमने सभी सेक्टरों की कंपनियों में निवेश किया है खासकर कमोडिटीज, ऑयल एवं गैस, फार्मा और ऑटो सेक्टर में।
आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि पिछले दो सालों से इक्विटी बाजार निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। लेकिन इस दौरान जिन निवेशकों ने म्यूचुअल फंडों की इक्विटी कैटेगरी में पैसे लगाए है, उन्हें अच्छा रिटर्न मिला है, खासकर हाल में आए उतार-चढ़ाव पर। वैल्यू ओरिएंटेड म्यूचुअल फंडों की बात करें तो इन्होंने बाजार की अनिश्चितता में मजबूती से वापसी की है। अप्रेल के पहले 14 दिनों में टॉप वैल्यू फंडों की एनएवी 8.14 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि बीएसई ने इस दौरान 7.48 प्रतिशत का रिटर्न दिया। म्यूचुअल फंड उन स्टॉक्स में निवेश की पहचान करते है, जो अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से निचले स्तर पर होते हैं। साथ ही उनकी अर्निंग, बुक वैल्यू और कैश फ्लो की संभावनाएं भी देखते हैं। परिणामस्वरूप इससे पोर्टफोलियो के औसत प्राइस टु अर्निंग का पता चलता है जो फिलहाल 12.9 पर है, जबकि निफ्टी का प्राइस टु अर्निंग 19.4 पर है।


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