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नहीं सुधरे तो बैठ कर काम करने वालों को हो जाएगा कूबड़

ब्रिटेन शोधकर्ताओं ने कार्यालयों में काम रहे लोगों को चेतावनी दी है कि उन्होंने अगर कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो वे 20 वर्ष बाद कूबड़ और नसों में सूजन वाली बीमारी से ग्रसित पाए जाएंगे।
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नहीं सुधरे तो बैठ कर काम करने वालों को हो जाएगा कूबड़

नहीं सुधरे तो बैठ कर काम करने वालों को हो जाएगा कूबड़

लंदन . ब्रिटेन शोधकर्ताओं ने कार्यालयों में काम रहे लोगों को चेतावनी दी है कि उन्होंने अगर कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो वे 20 वर्ष बाद कूबड़ और नसों में सूजन वाली बीमारी से ग्रसित पाए जाएंगे।
व्यवहार फ्यूचरिस्ट विलियम हिघम व एर्गोनॉमिक्स, व्यावसायिक स्वास्थ्य और पेशेवर कल्याण के क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक टीम ने कूबड़ और नसों की सूजन की बीमारी वाला डमी 'एम्माÓ निर्माण किया है। एम्मा का निर्माण अपने निष्कर्षों से मॉडल विशेषज्ञों ने हेलिक्स 3 डी लिमिटेड के साथ मिलकर किया है। वैज्ञानिकों की टीम ने ब्रिटेन के करीब 1000 लोगों के स्वास्थ्य संबंधी सर्वे किया है। टीम के शोध का विषय था कि डेस्क पर एक ही मुद्रा में पूरे दिन बैठे रहने से श्रमिक कैसे प्रभावित हो सकते हैं। वहीं शोधकर्ताओं ने साक्षात्कार के बाद यूके, जर्मनी और फ्रांस के करीब 3,000 से अधिक कर्मचारियों को स्वास्थ्य मुद्दों और चिंताओं के बारे में आगाह किया है।
90 प्रतिशत कार्यालय कर्मियों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अनुभव किया, जिससे उनकी उत्पादकता कम हो गई।
छह घंटे ऑफिस में बिताते हैं कर्मी
कार्यालय कर्मचारी हर दिन एक डेस्क पर औसतन छह घंटे बिताते हैं। हिगम की द फ्यूचर रिपोर्ट में दिखाया गया है कि नियोक्ताओं और श्रमिकों को वास्तव में अब कार्य करने और खराब कार्यस्थल स्वास्थ्य की समस्या का समाधान करने की आवश्यकता है। सर्वेक्षण में शामिल 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा कि यह बहुत अधिक समय था और 98 प्रतिशत का मानना है कि इस तरह के डर से भविष्य में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।