Importance of Indira Ekadashi , Ekadashi Vrat Puja Vidhi
जयपुर. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत बहुत ही खास माना जाता है। पितृ पक्ष में पड़ने वाले इस एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। यह माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से हमारे पितरों को यमलोक की यातना से मुक्ति मिलती है और वे मोक्ष को प्राप्त होते हैं.
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार इस दिन सुबह सूर्य भगवान को जल चढ़ाकर विष्णु भगवान के सामने दिया जलाकर पूजा करनी चाहिए। भगवान विष्णु को धूप, फूल, मिठाई, फल चढ़ाएं। पितरों की विधि-पूर्वक श्राद्ध कर किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन व दक्षिणा दें।
अगले दिन द्वादशी को दोबारा पूजा कर व्रत का पारण करें।
इंदिरा एकादशी व्रत
इस एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जानने की भी एक रोचक कथा है. हिष्मतीपुरी के राजा इन्द्रसेन नारदजी की प्रेरणा से यह व्रत किया था. इसके पुण्य प्रभाव उनके पिता विष्णुलोक गए और मौत के बाद राजा इंद्रसेन भी स्वर्गलोक गए. इन्हीं राजा इंद्रसेन के नाम पर ही इस एकादशी को इन्दिरा एकादशी का नाम दिया गया.
Published on:
12 Sept 2020 05:20 pm

