
लहसुन
ए क कप पानी को गर्म कर लें। उसमें दो-तीन कली लहसुन को काटकर कर डाल दें। इस पानी को कुछ देर ऐसे ही रखा रहने दें। जब पानी ठंडा हो जाए तो इसे छान कर पी लें। इस पानी का सेवन दिन में दो बार अवश्य करें। दरअसल, लहसुन में एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं, जो बंद नाक, कोल्ड एवं फ्लू के लक्षणों को दूर करता है।
अदरक खाएं
अ दरक को छिलकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। थोड़े-थोड़े अंतराल में इनका सेवन करते रहें। अदरक की चाय का भी सेवन किया जा सकता है। रोजाना ऐसा नियमित करने से आपको स्वाद एवं गंध संबंधी समस्या से राहत मिलेगी। लहसुन की तरह अदरक भी बहुत अच्छा एंटी ऑक्सीडेंट है, जो बंद नाक एवं गले की समस्या से राहत देने का काम करती है। अदरक स्वाद तंत्रिका को सक्रिय करने एवं गंध की क्षमता को उत्तेजित करने का काम करती है। इसी तरह नींबू का सेवन करने से सिट्रस फ्लेवर स्वाद और गंध को पुन: प्राप्त करने में मदद करता है। नींबू में उच्च मात्रा में विटामिन सी होता है, जो शरीर की प्रतिरोधकता को बढ़ाता है।
एप्पल साइडर विनेगर और शहद लें
ए क कप गर्म पानी में एक बड़ा चम्मच एप्पल साइडर विनेगर एवं शहद मिला लें। रोजाना इस ड्रिंक का सेवन करें। एप्पल साइडर विनेगर का खट्टा और एसिडिक स्वाद होता है, स्वादेंद्रियों को सक्रिय करने का काम करता है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी होता है, जो नासिका संबंधी समस्याओं को भी दूर करने का काम करता है। गंध बढ़ाने के लिए भी यह नुस्खा कारगर माना जाता है। इस तरह एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल करके आप फिर से अपनी स्वाद एवं गंध की ग्रंथियों को सक्रिय बना सकते हैं।
ऑयल पुलिंग करें
ऑयल पुलिंग के लिए एक बड़ा चम्मच नारियल या तिल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तेल को मुंंह में रखकर १० से १५ मिनट तक घुमाते रहें। इसके बाद कुल्ला करके ब्रश कर लें। रोजाना सुबह के समय इस घरेलू उपाय को आजमाएं। दरअसल, ऑयल पुलिंग ओरल हेल्थ को प्रमोट करने का काम करती है। टाक्सिंस एंव माइक्रोब्स को बाहर निकालने में भी यह बहुत असरदार होता है। ठंड के कारण होने वाले इंफेक्शन को दूर करने के लिए इस उपाय को कारगर माना जाता है। यह उपाय मसूड़ों को स्वस्थ रखने में का काम भी करता है।
दालचीनी है लाभकारी
ए क छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर एवं एक बड़ा चम्मच शहद को अच्छी तरह से मिला लें। इस पेस्ट को अपनी जीभ पर लगा लें और १० मिनट तक ऐसे ही रहने दें। इस प्रयोग को दिन में दो बार करें। मीठी सुगंध के साथ ही दालचीनी का स्वाद ही बहुत अच्छा होता है। इसमें पाई जाने वाली एंटी इंफ्लेमेटरी एवं एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज, सर्दी-जुकाम संबंधी समस्याओं को दूर करने में कारगर होती है। इसके अलावा करी पत्ते का सेवन करने से भी गंध एवं स्वाद संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। १०-१५ पत्तियों को एक गिलास पानी में आधा घंटा भिगो दें, फिर पानी पीएं।
असेंशियल ऑयल
स्वाद एवं गंध संबंधी समस्या को दूर करने के लिए असेंशियल ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक कटोरे में गर्म पानी डालकर उसमें १-२ बूंद पुदीने के तेल की डालें और इसके बाद मुंह तौलिए से कवर करके इस पानी की भाप लें। इस तरह एक बूंद नीलगिरी के तेल की डालकर १०-१५ मिनट तक भाप लें। रोजाना ऐसा दिन में एक-दो बार अवश्य करें। इस तेल में भी एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सांस संबंधी समस्याओं को दूर करके गंध एंव स्वाद गं्रथियों को सक्रिय करके का काम करता है। विटामिन बी एवं डी सप्लीमेंट पर भी ध्यान दें।
Published on:
28 Mar 2019 05:37 pm
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