
जयपुर
राजस्थान अपने कल्चर और किले के लिए प्रदेशभर में मशहूर हैं। राजस्थान को रंगों की धरती भी कहा जाता है। वैसे तो राजस्थान में भ्रमण करने के लिए दूर- दूर से पर्यटक यहां आते है। लेकिन क्या आप जानते है की राजस्थान में एक ऐसा कुंड है जिसमें स्नान करने से चर्म रोग से मुक्ति मिल जाती हैं। जी हां राजस्थान के बूंदी जिले से 20 कि.मी दूर नमाना क्षेत्र का लोईचा ग्राम जो अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और मान्याताओं के कारण राजस्थान ही नही देश भर में प्रसिद्व माना जाता है।
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यहां के रूप में विख्यात धार्मिक तीर्थ स्थल काला-गौराजी कुंड की गाथाएं दूर-दूर तक फैली हैं। दरअसल इस कुंड की प्रसिद्धि की वजह यहां से निकलने वाला नैचुरल गंधक युक्त वातानुकूलित जल है। कहा जाता है कि इस गंधक युक्त जल से स्नान करने से सभी चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। लोगों के मन में यह विश्वास है कि त्वचा रोग से संबंधित किसी भी परेशानी का समाधान इस मंदिर में आने से हो जाता है।
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यहां स्नान करने से चर्म रोग से मुक्ति मिलती है। हजारों साल पुराने इस मंदिर पर बने तालाब की अनोखी मान्यता है, जहां पर नहाने से चर्म रोग और फोड़़ेे फुंसी जैसे रोग ठीक हो जाते है। तालाब में वर्षभर पानी भरा रहता है। चर्म रोगी और फुंसी से पीडि़त लोग दूर से स्नान करने के लिए आते है। स्नान करने के बाद काला-गोराजी की पूजा करते है और इस घातक रोग से छुटकारा पाते है। कहा जाता है की यदि सोमवार व मंगलवार को स्नान किया जाएं तो रोग से जल्दी छुटकारा मिल जाता है।
Published on:
23 Mar 2018 08:09 am
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