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बोझा ढोने वाले पशुओं को भी दें आराम, नहीं तो मालिक को होगी तीन महीने की कैद

बोझ ढोने वाले पशुओं को अब पशु मालिक अगर दोपहर 12 से तीन बजे तक काम में लेते हैं तो उन्हें तीन माह का कारावास भुगतान पड़ सकता है। जीव जंतु कल्याण बोर्ड ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेशों की पालना करवाने का काम जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी का होगा।

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जयपुर

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Kirti Verma

May 06, 2023

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जयपुर. बोझ ढोने वाले पशुओं को अब पशु मालिक अगर दोपहर 12 से तीन बजे तक काम में लेते हैं तो उन्हें तीन माह का कारावास भुगतान पड़ सकता है। जीव जंतु कल्याण बोर्ड ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेशों की पालना करवाने का काम जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी का होगा।

इसलिए आवश्यकता
प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पंहुच गया है। जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे बोझ ढोने वाले पशुओं जैसे घोड़ा, गधा, खच्चर, बैल और भैंस इत्यादि को अनावश्यक पीड़ा, हीट स्ट्रोक और अकाल मृत्यु होने की संभावना बढ़ गई है। जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

यह कहता है अधिनियम
पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 3 के अनुसार किसी पशु को पालने वाले व्यक्ति का कर्त्तव्य है कि वह उस पशु के कल्याण के लिए ऐसे उपाय सुनिश्चित करें जिससे उसे अनावश्यक पीड़ा और यातना ना झेलनी पड़े। इसी प्रकार परिवहन और कृषि पशुओं पर क्रूरता निवारण नियम 1965 के नियम 6 का उपनियम 3 के अनुसार जिन क्षेत्रों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है, वहां दोपहर 12 से 3 बजे के बीच पशु को उपयोग में लेना इस अधिनियम व नियम के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसी अधिनियम की पालना में यह आदेश जारी किए हैं। साथ ही पशु मालिक को पशुओं के लिए भोजन, पानी और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि और एडवोकेट मनीष सक्सेना ने राजस्थान राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड से यह निर्देश जारी करवाए हैं।

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एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने की अपील
जीव जंतु कल्याण बोर्ड ने भी सभी नागरिकों से अपील की है कि इस गर्मी में हर नागरिक अपने घर के आस- पास पशुओं के लिए प्रतिदिन स्वच्छ जल की व्यवस्था कर बेसहारा और बोझा ढोने वाले पशुओं को हीट स्ट्रोक तथा अकाल मृत्यु से बचाने के कार्य में सहयोग प्रदान करें।

पालना नहीं करने पर होगी यह सजा
यदि कोई पशु मालिक इस निर्देश की पालना नहीं करता तो उस पशु मालिक पर आर्थिक दंड अथवा पशु जब्ती भी की जा सकती है। साथ ही तीन माह की कैद या दोनों सजा एक साथ हो सकती है।


मैं ऊंट चालक हूं, प्रतिदिन ऊंटगाड़ी पर सामान लेकर जाना होता है, लेकिन हम उसको दोपहर में दो तीन घंटे का आराम देते हैं, वह भी इंसानों की तरह थकता है, उसे भी आराम की जरूरत होती है।
नारायण सिंह, पशु पालक

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तेज गर्मी में बोझा ढोने वाले पशुओं में भी हीट स्ट्रोक की संभावना बढ़ रही है। जिसे देखते हुए दोपहर में 12 बजे से तीन बजे तक पशुओं से काम लेने पर रोक लगवाने के निर्देश दिए गए हैं।

के.सी. विश्नोई, अध्यक्ष, जीव जंतु कल्याण बोर्ड

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