
पशुओं का ई मार्केट तैयार होगा
इस डेटाबेस के संग्रह से स्थानीय एवं वैश्विक स्तर पर पशुओं के क्रय-विक्रय में उचित मूल्य के लिए ई-मार्केट का विकास किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह योजना पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने में लाभकारी होगी एवं ईनाफ पोर्टल पर टैग नंबर के माध्यम से पशु की समस्त जानकारी घर बैठे ही प्राप्त की जा सकेगी।
टीमें डोर-टू-डोर जाकर लेंगी जानकारी
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि पशुओं का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने के इस कार्य के लिए पशुपालन विभाग की ओर से संबंधित संस्थाओं, अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है। पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पशुपालकों के यहां डोर-टू-डोर जाकर पशुओं का पंजीकरण एवं टैगिंग कर रहे हैं।
नस्ल सुधार में मिलेगी सुविधा
उन्होंने बताया कि पशुओं का पंजीकरण किए जाने से प्रत्येक पशु की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे नस्ल सुधार संबंधित जानकारी के जरिए उन्नत नस्ल के पशुवंश का संरक्षण एवं संवर्धन हो सकेगा। साथ-साथ टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, नकारा नस्ल के पशुओं का बधियाकरण का रिकॉर्ड संधारण करने में आसानी होगी।
संक्रामक रोगों पर हो सकेगा नियंत्रण
उन्होंने बताया कि इस अभियान से एक राज्य से दूसरे राज्य में पशुओं के संक्रामक रोगों के प्रसार एवं संक्रमण पर अंकुश लगेगा। पशुओं का अनुवांशिक ब्योरा संकलित किया जा सकेगा, जिससे पशुओं की उन्नत नस्लों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा। इस कार्यक्रम से पशु स्वास्थ्य संबंधी समस्त जानकारी जैसे समस्त टीकाकरण एवं रोगों की रोकथाम की संकलित जानकारी संधारित की जाएगी।
आधार कार्ड की तर्ज पर ईनाफ कार्ड
पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि समस्त पंजीकृत पशुओं एवं पशुपालकों की सम्पूर्ण जानकारी ईनाफ सॉफ्टवेयर में इंद्राज किया जाना आवश्यक है। ईनाफ टैगिंग में पशुओं की समस्त जानकारी 'आधार कार्डÓ के समकक्ष महत्व की होगी, जिससे पशुपालकों को राज्य सरकार, पशुपालन विभाग की नवीन योजनाओं का लाभ देने मेें सुगमता होगी।
Published on:
31 Jan 2020 06:58 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
