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राजस्थान में बंद नहीं हो रही रैगिंग की घटनाएं, मेडिकल कॉलेजों से आई कई शिकायतें; केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े

वर्ष 2024 में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) को रैगिंग की 165 शिकायतें मिलीं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही राज्यसभा में रैगिंग से जुड़े आंकड़ों की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।

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ragging in rajasthan

ragging in rajasthan

राजस्थान में कोचिंग संस्थाओं में पढऩे वाले विद्याथिर्यों में तनाव को लेकर चिंतिंत रहने वाले माता-पिता की चिंता कोचिंग संस्थान में नीट या जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी तक ही सीमित नहीं है। बच्चों का मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने के बाद भी रैगिंग का डर सताता है। रैगिंग के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस का वातावरण बनाने के लिए सरकार ने कई उपाय लागू किए हैं। इसके बाद भी रैगिंग की घटनाएं बंद नहीं हुई हैं।

वर्ष 2024 में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) को रैगिंग की 165 शिकायतें मिलीं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही राज्यसभा में रैगिंग से जुड़े आंकड़ों की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी। राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की 15 शिकायतें सामने आई हैं।

रैगिंग की शिकायतें

आंध्रप्रदेश- 6

असम- 4
बिहार- 17

छत्तीसगढ़- 8
दिल्ली- 3

गुजरात- 3
हरियाणा- 6

झारखंड- 8
जम्मू-कश्मीर- 3

कर्नाटक- 4
केरल- 1

महाराष्ट्र- 10
मध्य प्रदेश- 12

ओडिशा- 8
पंजाब- 2

राजस्थान- 15
तेलंगाना- 3

तमिलनाडु- 8
उत्तराखंड- 6

उत्तरप्रदेश- 33
पश्चिम बंगाल- 5

रैगिंग से बच्चों की मनोदशा पर गलत प्रभाव पड़ता है। बच्चा स्कूल से सीधा कॉलेज में जाता है तो रैंगिंग हो या नहीं, वह थोड़ा तनाव में आ जाता है। माता-पिता को बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना चाहिए। कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी होती है। यदि बच्चे के साथ ऐसा कुछ होता है तो शिकायत कर सकते हैं। -डॉ. दलजीत सिंह राणावत, वरिष्ठ मनोरोग चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज, पाली

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