
सीएम भजनलाल शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में विपक्ष की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दो साल में इतने काम किए हैं, जितने कांग्रेस के पिछले पांच साल के कार्यकाल में भी नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने दो साल बनाम पांच साल का तुलनात्मक दस्तावेज सदन के पटल पर रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष से इस पर बहस कराने की मांग की। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि कार्य सलाहकार समिति में विषय रखकर दिन और समय तय किया जाएगा। इस मुद्दे पर सदन में शोर-शराबा भी हुआ।
राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेस के कई नेता चुनौती देते रहते हैं, इसलिए उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हर सेक्टर में ठोस काम किया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई विधायक खड़े हो गए और कहा कि पूरे पांच साल के कामकाज पर ही चर्चा करना, सिर्फ कांग्रेस सरकार के दो साल की तुलना नहीं करनी है। जूली ने कहा कि उन्हें भी मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब के लिए काम कर रही है। पिछली सरकार के नेता जो सदन में नहीं आ रहे और अपने आपको महात्मा गांधी का अनुयायी बताते हैं, लेकिन उन्होंने युवाओं का हक मारा। उनको फिर से महात्मा गांधी की किताब पढ़नी चाहिए। कांग्रेस के एक नेता तो एक बाड़ा का ही रास्ता दिखा देते थे। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि 'ये लोग कल तक घी पी रहे थे और आज उपदेश दे रहे हैं।' उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ईमानदारी से परीक्षाएं कराईं और पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। दोषियों को जेल भेजने का अभियान जारी रहेगा।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को राम के नाम से ही तकलीफ है। पहले राम को काल्पनिक बताया और अब उनके नाम से चिढ़ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राम को अपना लो, फायदे में रहोगे, वरना नजर नहीं आओगे। राम के नाम से कटते रहोगे तो कट ही जाओगे। समझ नहीं आता राम के नाम से कांग्रेस नेताओं को तकलीफ क्यों है, जबकि महात्मा गांधी खुद भी रामराज्य की स्थापना करना चाहते थे।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि अब तक की 1727 बजट घोषणाओं में से केवल 754 ही पूरी हुई हैं। पिछले बजट की महज 18 प्रतिशत घोषणाओं पर अमल हुआ है। दो साल में एक भी नई भर्ती पूरी नहीं हुई और मेधावी छात्राओं की स्कूटी योजना का टेंडर निरस्त कर दिया। जूली ने कहा कि जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार यह भूल रही है कि वह जनता की मालिक नहीं, बल्कि ट्रस्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल लाइंस में मंत्रियों के दरवाजे जनता के लिए बंद हैं।
Published on:
06 Feb 2026 06:00 am
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