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ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी शिक्षा सुविधाओं में वृद्धि : एकनाथ शिंदे

शिंदे ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार करते हुए ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया गया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के बच्चों को भी वही सुविधाएं मिलें, जो शहरी बच्चों को मिलती हैं। इसके लिए उन्होंने डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, और ई-लर्निंग की पहल की, जिससे बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।

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जयपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो और वे बेहतर भविष्य के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में राज्य में नए स्कूलों और कॉलेजों का निर्माण हुआ, जिससे शिक्षा का विस्तार हुआ। साथ ही बच्चों के लिए अधिक अवसर प्रदान किए गए।

हाल ही आयोजित एक कार्यक्रम में शिंदे ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार करते हुए ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया गया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के बच्चों को भी वही सुविधाएं मिलें, जो शहरी बच्चों को मिलती हैं। इसके लिए उन्होंने डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, और ई-लर्निंग की पहल की, जिससे बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।

छात्रवृत्तियों-वित्तीय सहायता की योजनाओं को बढ़ावा

इसके अलावा शिंदे ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने नए शिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकों को अपनाने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित किया, जिससे बच्चों की शिक्षा का स्तर और ऊंचा हो सके। राज्य सरकार ने छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों और वित्तीय सहायता की योजनाओं को भी बढ़ावा दिया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चे भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। एकनाथ शिंदे की नीतियों और निर्णयों ने महाराष्ट्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। उनके प्रयासों से राज्य के हजारों बच्चों को बेहतर शिक्षा और बेहतर भविष्य का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।