
मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा
जयपुर। अपने चुनाव घोषणापत्र में संविदाकर्मियों को नियमित करने का वादा कर अब गहलोत सरकार खुद अपने ही वादे से मुकर गई है। इस मामले में खुद शिक्षा मंत्री ने सदन में अपना जवाब दिया है कि लोक जुंबिश, और पैराटीचरों को नियमित करने की कोई परंपरा नहीं है, जिसको लेकर निर्दलीय विधायक और मुख्यमंत्री गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला को आज प्रश्नकाल में जमकर घेरा। जिस पर कई बार स्पीकर को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
इधर विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए निर्दलीय विधायक और मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहा कि पैराटीचरों को नियमित करने के मामले को लेकर पूछे गए सवाल का जो जवाब सरकार ने दिया है वह गैर जिम्मेदाराना है।
संयम लोढ़ा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने 2018 के चुनाव घोषणा पत्र में पंचायत सहायक, लोक जुंबिश, एनआरएचएम और पैराटीचरों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन अब सरकार कह रही है कि ऐसी कोई परंपरा नहीं है तो फिर क्या कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव घोषणापत्र में झूठा वादा किया था और संविदा कर्मियों को झूठा आश्वासन दिया गया था और उनके वोट लिए गए थे।
कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि अगर हम सत्ता में आए तो संविदा कर्मियों को नियमित करेंगे, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर रही है। संयम लोढ़ा ने कहा कि विभाग की ओर से दिए गए जवाब को शिक्षा मंत्री ने पढ़ा ही नहीं और विधानसभा को भेज दिया और फिर सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने वही जवाब पढ़ दिया जिसकी उनको जानकारी नहीं है।
निर्दलीय विधायकों की बैठक में भी उठा था पेराटीचरों को नियमित करने का मामला
संयम लोढ़ा ने कहा कि जब निर्दलीय विधायकों की बैठक हुई थी तो सभी 13 विधायकों ने बैठक में एक सुर में पेराटीचरों को नियमित करने की मांग सरकार से की थी लेकिन बावजूद अब सरकार की ओर से जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हैरत की बात तो यह है कि खुद शिक्षा मंत्री बी डी कल्ला कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष है जो संविदा कर्मियों को नियमित करने के लिए बनाई गई थी और अब वह सदन में इस तरह का जवाब दे रहे हैं।
Updated on:
15 Feb 2022 05:43 pm
Published on:
15 Feb 2022 05:28 pm
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